Chapter 15 · Hindi Literature
काल विभाजन, इतिहासकार, आदिकाल
History of Hindi Literature (1)आचार्य रामचंद्र शुक्ल का काल विभाजन (‘हिंदी साहित्य का इतिहास’, 1929; विक्रम संवत् में)
| काल | दूसरा नाम | समय (संवत्) | मुख्य प्रवृत्ति |
|---|---|---|---|
| आदिकाल | वीरगाथा काल (शुक्ल) | 1050 – 1375 | वीर रस, रासो ग्रंथ, राजाओं की प्रशंसा |
| पूर्व मध्यकाल | भक्तिकाल | 1375 – 1700 | निर्गुण-सगुण भक्ति; ‘स्वर्ण युग’ |
| उत्तर मध्यकाल | रीतिकाल | 1700 – 1900 | शृंगार, अलंकार, लक्षण-ग्रंथ |
| आधुनिक काल | गद्यकाल | 1900 – अब तक | गद्य का विकास, खड़ी बोली |
हिंदी साहित्य के प्रमुख इतिहासकार
| इतिहासकार | ग्रंथ | विशेष |
|---|---|---|
| गार्सां द तासी | इस्त्वार द ला लितेरात्यूर ऐंदूई ऐ ऐंदूस्तानी (फ्रेंच) | हिंदी साहित्य का पहला इतिहास |
| शिवसिंह सेंगर | शिवसिंह सरोज | हिंदी में लिखा आरंभिक इतिहास-ग्रंथ |
| जॉर्ज ग्रियर्सन | द मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ़ हिंदुस्तान (1888) | पहला काल-विभाजन |
| मिश्रबंधु | मिश्रबंधु विनोद | बहुत से कवियों का विवरण |
| रामचंद्र शुक्ल | हिंदी साहित्य का इतिहास (1929) | सबसे मान्य काल-विभाजन |
आदिकाल के अलग-अलग नामवीरगाथा काल — रामचंद्र शुक्ल (12 पुस्तकों के आधार पर, जैसे पृथ्वीराज रासो, बीसलदेव रासो, खुमाण रासो, हम्मीर रासो, परमाल रासो, कीर्तिलता) · आदिकाल — हजारीप्रसाद द्विवेदी · चारण काल — ग्रियर्सन · संधि काल और चारण काल — रामकुमार वर्मा · सिद्ध-सामंत युग — राहुल सांकृत्यायन · बीजवपन काल — महावीरप्रसाद द्विवेदी
आदिकाल की धाराएँसिद्ध साहित्य — सरहपा (राहुल सांकृत्यायन के अनुसार हिंदी के पहले कवि; इस पर विद्वानों के अलग-अलग मत हैं) · नाथ साहित्य — गोरखनाथ · जैन साहित्य — स्वयंभू (पउमचरिउ, अपभ्रंश) · रासो साहित्य — वीर-काव्य · लौकिक साहित्य — अमीर खुसरो, विद्यापति
| आदिकाल की रचना | रचनाकार | आदिकाल की रचना | रचनाकार |
|---|---|---|---|
| पृथ्वीराज रासो (हिंदी का पहला महाकाव्य माना जाता है) | चंदबरदाई | परमाल रासो (आल्हखंड) | जगनिक |
| बीसलदेव रासो | नरपति नाल्ह | खालिकबारी, पहेलियाँ-मुकरियाँ | अमीर खुसरो |
| कीर्तिलता, कीर्तिपताका (अवहट्ठ) · पदावली (मैथिली) | विद्यापति (मैथिल कोकिल) | पउमचरिउ (अपभ्रंश रामकथा) | स्वयंभू |
"हिंदी साहित्य का पहला इतिहास किसने लिखा?" (गार्सां द तासी) · "पहला काल-विभाजन?" (ग्रियर्सन) · "‘वीरगाथा काल’ नाम किसने दिया?" (रामचंद्र शुक्ल) · "‘सिद्ध-सामंत युग’ नाम?" (राहुल सांकृत्यायन) · "‘पृथ्वीराज रासो’ के रचयिता?" (चंदबरदाई) · "‘कीर्तिलता’ की भाषा?" (अवहट्ठ)
भक्तिकाल और रीतिकाल History of Hindi Literature (2)
भक्तिकाल (संवत् 1375–1700) — दो धाराएँ, चार शाखाएँ
| शाखा | प्रमुख कवि और रचनाएँ | भाषा / विशेषता |
|---|---|---|
| ज्ञानमार्गी (संत काव्य) | कबीर — बीजक (साखी, सबद, रमैनी) · रैदास · गुरु नानक · दादूदयाल · सुंदरदास | सधुक्कड़ी / पंचमेल खिचड़ी; गुरु-महिमा, आडंबर का विरोध |
| प्रेममार्गी (सूफ़ी काव्य) | मलिक मुहम्मद जायसी — पद्मावत, अखरावट · कुतुबन — मृगावती · मंझन — मधुमालती | अवधी; मसनवी शैली; दोहा-चौपाई; प्रेम-कथाएँ |
| रामभक्ति | तुलसीदास — रामचरितमानस, विनयपत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली · नाभादास — भक्तमाल | अवधी, ब्रज; मर्यादा, लोकमंगल |
| कृष्णभक्ति | सूरदास — सूरसागर, सूरसारावली, साहित्यलहरी · मीराबाई — पदावली · रसखान — सुजान रसखान, प्रेमवाटिका | ब्रजभाषा; वात्सल्य, माधुर्य, पद-शैली |
प्रवर्तक और संप्रदायरामानंद भक्ति को उत्तर भारत लाए: "भक्ति द्राविड़ ऊपजी, लाए रामानंद। प्रगट किया कबीर ने, सप्त द्वीप नव खंड॥" (कबीर इन्हीं के शिष्य) · वल्लभाचार्य — पुष्टिमार्ग (कृष्णभक्ति) · भक्तिकाल = हिंदी साहित्य का ‘स्वर्ण युग’
अष्टछाप (स्थापना संवत् 1622 / 1565 ई., विट्ठलनाथ)वल्लभाचार्य के 4 शिष्य: सूरदास, कुंभनदास, परमानंददास, कृष्णदास · विट्ठलनाथ के 4 शिष्य: नंददास, छीतस्वामी, गोविंदस्वामी, चतुर्भुजदास · सबसे प्रसिद्ध: सूरदास
रीतिकाल (संवत् 1700–1900) (रीति = काव्य के लक्षण / नियम)
| धारा | पहचान | कवि और रचनाएँ |
|---|---|---|
| रीतिबद्ध | लक्षण-ग्रंथ लिखे (कवि + आचार्य) | केशवदास — रामचंद्रिका, कविप्रिया, रसिकप्रिया · चिंतामणि · मतिराम · देव · भिखारीदास · पद्माकर |
| रीतिसिद्ध | नियम जानते थे, पर लक्षण-ग्रंथ नहीं लिखा | बिहारी — बिहारी सतसई (लगभग 700 दोहे) |
| रीतिमुक्त | नियमों से स्वतंत्र, सच्चा प्रेम | घनानंद — सुजानहित · बोधा · आलम · ठाकुर |
| वीर काव्य | रीतिकाल में वीर रस | भूषण — शिवराज भूषण, शिवा बावनी, छत्रसाल दशक |
रीतिकाल के और नाम: शृंगार काल (विश्वनाथप्रसाद मिश्र) · अलंकृत काल (मिश्रबंधु) · कलाकाल (रमाशंकर शुक्ल ‘रसाल’)। प्रवर्तक: कुछ विद्वान केशवदास, आचार्य शुक्ल चिंतामणि त्रिपाठी को मानते हैं।
"‘पद्मावत’ किस शाखा की रचना?" (प्रेममार्गी / सूफ़ी) · "अष्टछाप की स्थापना?" (विट्ठलनाथ, संवत् 1622) · "पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक?" (वल्लभाचार्य) · "कबीर की भाषा?" (सधुक्कड़ी) · "‘बिहारी सतसई’ किस धारा की?" (रीतिसिद्ध) · "‘शृंगार काल’ नाम किसने दिया?" (विश्वनाथप्रसाद मिश्र)
आधुनिक काल — कविता के युग History of Hindi Literature (3)
| युग (लगभग) | पहचान | प्रमुख कवि और रचनाएँ |
|---|---|---|
| भारतेंदु युग (1850–1900 ई.) | नवजागरण, देशप्रेम, समाज-सुधार; कविता ब्रजभाषा में, गद्य खड़ी बोली में | भारतेंदु हरिश्चंद्र (आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक) — अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा (नाटक) · प्रतापनारायण मिश्र · बालकृष्ण भट्ट |
| द्विवेदी युग (1900–1920 ई.) | कविता में भी खड़ी बोली, आदर्श, राष्ट्रीयता; ‘सरस्वती’ पत्रिका | महावीरप्रसाद द्विवेदी (सरस्वती के संपादक, 1903 से) · मैथिलीशरण गुप्त — भारत-भारती, साकेत, यशोधरा · हरिऔध — प्रियप्रवास (खड़ी बोली का पहला महाकाव्य) |
| छायावाद (1918–1936 ई.) | प्रकृति, प्रेम, रहस्य, कल्पना; चार स्तंभ | जयशंकर प्रसाद — कामायनी, आँसू, झरना · सुमित्रानंदन पंत — पल्लव, गुंजन · सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ — परिमल, राम की शक्ति पूजा · महादेवी वर्मा — यामा, नीरजा |
| प्रगतिवाद (1936 से) | शोषित, किसान-मज़दूर; प्रगतिशील लेखक संघ (1936, लखनऊ, अध्यक्ष प्रेमचंद) | नागार्जुन · केदारनाथ अग्रवाल · त्रिलोचन · शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ |
| प्रयोगवाद (1943 से) | नए प्रयोग, व्यक्ति का अनुभव; ‘तार सप्तक’ (1943) | अज्ञेय (तार सप्तक के संपादक, प्रवर्तक) |
| नई कविता (1950 के बाद) | आम आदमी, नए बिंब; ‘नई कविता’ पत्रिका (1954, जगदीश गुप्त) | मुक्तिबोध · धर्मवीर भारती · रघुवीर सहाय · सर्वेश्वरदयाल सक्सेना |
छायावाद — नाम और प्रवर्तक‘छायावाद’ नाम सबसे पहले मुकुटधर पांडेय (1920) ने प्रयोग किया · प्रवर्तक: जयशंकर प्रसाद (‘झरना’) · ‘आधुनिक मीरा’ — महादेवी · ‘प्रकृति के सुकुमार कवि’ — पंत · मुक्त छंद — निराला
सप्तक श्रृंखला (संपादक: अज्ञेय)तार सप्तक 1943 · दूसरा सप्तक 1951 · तीसरा सप्तक 1959 · चौथा सप्तक 1979
तार सप्तक के 7 कवि: अज्ञेय, मुक्तिबोध, नेमिचंद्र जैन, भारतभूषण अग्रवाल, गिरिजाकुमार माथुर, प्रभाकर माचवे, रामविलास शर्मा
तार सप्तक के 7 कवि: अज्ञेय, मुक्तिबोध, नेमिचंद्र जैन, भारतभूषण अग्रवाल, गिरिजाकुमार माथुर, प्रभाकर माचवे, रामविलास शर्मा
प्रश्न: "छायावाद के चार स्तंभ?" → प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी · "‘तार सप्तक’ कब और किसने?" → 1943, अज्ञेय · "खड़ी बोली का पहला महाकाव्य?" → प्रियप्रवास (हरिऔध)
युगों का क्रम — "भा-द्वि-छा-प्र-प्र-न": भारतेंदु → द्विवेदी → छायावाद → प्रगतिवाद → प्रयोगवाद → नई कविता।
"‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादक?" (महावीरप्रसाद द्विवेदी) · "‘छायावाद’ नाम पहली बार किसने दिया?" (मुकुटधर पांडेय) · "‘तार सप्तक’ में कितने कवि?" (7) · "प्रगतिशील लेखक संघ के पहले अधिवेशन के अध्यक्ष?" (प्रेमचंद) · "‘नई कविता’ पत्रिका के संपादक?" (जगदीश गुप्त)
हिंदी गद्य का विकास और ‘पहली रचनाएँ’ Development of Hindi Prose
| चरण | प्रमुख लेखक और रचनाएँ |
|---|---|
| आरंभ (भारतेंदु से पहले) | फोर्ट विलियम कॉलेज (1800, कलकत्ता) · खड़ी बोली गद्य के 4 आरंभिक लेखक: सदासुखलाल (सुखसागर), इंशा अल्ला खाँ (रानी केतकी की कहानी), लल्लूलाल (प्रेमसागर), सदल मिश्र (नासिकेतोपाख्यान) · पहला हिंदी समाचार-पत्र ‘उदंत मार्तंड’ (1826, कलकत्ता, जुगलकिशोर शुक्ल) |
| भारतेंदु युग (1850–1900) | भारतेंदु — नाटक, निबंध; पत्रिकाएँ कविवचन सुधा, हरिश्चंद्र मैगज़ीन · बालकृष्ण भट्ट — निबंध (‘हिंदी प्रदीप’) · प्रतापनारायण मिश्र — निबंध (‘ब्राह्मण’) · परीक्षा गुरु — लाला श्रीनिवास दास · चंद्रकांता — देवकीनंदन खत्री |
| द्विवेदी युग (1900–1920) | महावीरप्रसाद द्विवेदी — भाषा-सुधार, ‘सरस्वती’ · सरदार पूर्ण सिंह — निबंध (आचरण की सभ्यता, मज़दूरी और प्रेम, सच्ची वीरता) · बालमुकुंद गुप्त — शिवशंभु के चिट्ठे · उसने कहा था (कहानी, 1915) — चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ |
| शुक्ल युग (लगभग 1918–1938) | रामचंद्र शुक्ल — चिंतामणि (निबंध), हिंदी साहित्य का इतिहास · प्रेमचंद (उपन्यास सम्राट) — सेवासदन, रंगभूमि, गबन, गोदान · जयशंकर प्रसाद — स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी (नाटक) |
| शुक्लोत्तर युग (1938 के बाद) | हजारीप्रसाद द्विवेदी — अशोक के फूल, कुटज (निबंध), बाणभट्ट की आत्मकथा · जैनेंद्र — त्यागपत्र · अज्ञेय — शेखर: एक जीवनी · फणीश्वरनाथ रेणु — मैला आँचल (आंचलिक उपन्यास) · मोहन राकेश — आषाढ़ का एक दिन |
‘हिंदी की पहली रचना’ — जहाँ मत बँटे हैं ⚠️
| विधा | प्रायः माना जाने वाला उत्तर | दूसरे दावे |
|---|---|---|
| पहली कहानी | इंदुमती (किशोरीलाल गोस्वामी, 1900, ‘सरस्वती’ में) — आचार्य शुक्ल | एक टोकरी भर मिट्टी (माधवराव सप्रे, 1901) · दुलाईवाली (बंग महिला, 1907) · रानी केतकी की कहानी (इंशा अल्ला खाँ) |
| पहला मौलिक उपन्यास | परीक्षा गुरु (लाला श्रीनिवास दास, 1882) — आचार्य शुक्ल | देवरानी जेठानी की कहानी (पं. गौरीदत्त, 1870) · भाग्यवती (श्रद्धाराम फुल्लौरी) |
| पहला नाटक | नहुष (गोपालचंद्र ‘गिरिधरदास’, भारतेंदु के पिता) | आनंद रघुनंदन (महाराज विश्वनाथ सिंह, रीवा) |
| पहला एकांकी | एक घूँट (जयशंकर प्रसाद, 1929) | बादल की मृत्यु (रामकुमार वर्मा, 1930) — आधुनिक शैली का पहला एकांकी माना जाता है |
| पहली आत्मकथा | अर्धकथानक (बनारसीदास जैन, ब्रजभाषा पद्य में) | — |
| पहला समाचार-पत्र | उदंत मार्तंड (1826) | — |
| खड़ी बोली का पहला महाकाव्य | प्रियप्रवास (हरिऔध) | — |
‘पहली’ वाले प्रश्नों में पहले देखो कि प्रश्न किसके मत से पूछ रहा है। "शुक्ल के अनुसार" लिखा हो तो इंदुमती / परीक्षा गुरु; विकल्पों में केवल एक नाम हो तो वही।
प्रश्न: सुमेलित करो — (1) रानी केतकी की कहानी (2) प्रेमसागर (3) सुखसागर (4) नासिकेतोपाख्यान → (1) इंशा अल्ला खाँ (2) लल्लूलाल (3) सदासुखलाल (4) सदल मिश्र
"फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना?" (1800) · "‘उदंत मार्तंड’ के संपादक?" (जुगलकिशोर शुक्ल) · "शुक्ल के अनुसार पहली कहानी?" (इंदुमती) · "‘परीक्षा गुरु’ के लेखक?" (लाला श्रीनिवास दास) · "‘आचरण की सभ्यता’ किसका निबंध?" (सरदार पूर्ण सिंह) · "पहली आत्मकथा?" (अर्धकथानक)