Chapter 3 · Hindi Grammar
शब्द भेद — तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी
Word Types by Origin & Formation🕉️ तत्समसंस्कृत के शब्द ज्यों के त्यों: अग्नि, सूर्य
🔄 तद्भवसंस्कृत से बदलकर बने: आग, सूरज
🏡 देशजलोक-बोलियों से: लोटा, पगड़ी, खिड़की, झोला, खिचड़ी, कटोरा, ठेठ, तेंदुआ, डिबिया
🌍 विदेशीदूसरी भाषाओं से: किताब, स्कूल, चाय
तत्सम → तद्भव 🧠 तत्सम में ष, क्ष, ऋ, श्र, संयुक्ताक्षर; तद्भव सरल, अक्सर ँ वाला
शरीर, घर, प्रकृतिअग्नि–आग · दुग्ध–दूध · सूर्य–सूरज · चंद्र–चाँद · हस्त–हाथ · कर्ण–कान · मुख–मुँह · अक्षि–आँख · अश्रु–आँसू · ओष्ठ–होंठ · दंत–दाँत · जिह्वा–जीभ · ग्राम–गाँव · क्षेत्र–खेत · दधि–दही · घृत–घी · रात्रि–रात · कर्म–काम · कार्य–काज · पत्र–पत्ता · काष्ठ–काठ · आम्र–आम · स्वर्ण–सोना · लौह–लोहा · धूम्र–धुआँ · शय्या–सेज · सप्त–सात · अष्ट–आठ · हरिद्रा–हल्दी · कुंभकार–कुम्हार · अंधकार–अँधेरा · पक्षी–पंछी
जीव, अनाज, रिश्ते, अन्यउष्ट्र–ऊँट · कपोत–कबूतर · मयूर–मोर · सर्प–साँप · गर्दभ–गधा · व्याघ्र–बाघ · कुक्कुर–कुत्ता · कोकिल–कोयल · मक्षिका–मक्खी · शृगाल–सियार · गोधूम–गेहूँ · सर्षप–सरसों · यव–जौ · मृत्तिका–मिट्टी · चर्म–चमड़ा · ज्येष्ठ–जेठ · श्वश्रू–सास · भगिनी–बहन · वधू–बहू · भ्रातृ–भाई · कृष्ण–कान्ह/कन्हैया · आश्चर्य–अचरज · कंटक–काँटा · स्वप्न–सपना · शुष्क–सूखा · सत्य–सच · वर्ष–बरस · भिक्षा–भीख · कृषक–किसान · दीपक–दीया · चतुर्थ–चौथा · नृत्य–नाच
विदेशी शब्द — कौन-सा शब्द कहाँ से
अरबीकिताब, कलम, अदालत, इनाम, औरत, ग़रीब, क़िला, क़ानून, ख़बर, इमारत, वकील, तारीख़, क़ीमत
फ़ारसीदुकान, बाज़ार, गुलाब, चश्मा, ज़मीन, दरवाज़ा, शादी, दीवार, ज़िंदगी, बीमार, आराम, आवाज़
पुर्तगालीअलमारी, बाल्टी, चाबी, गमला, तौलिया, पादरी, कमरा, अचार, गोदाम, पीपा, फ़ीता, कप्तान
अंग्रेज़ीस्कूल, डॉक्टर, टिकट, बटन, रेल, स्टेशन
तुर्कीतोप, कैंची, चाकू, बहादुर, लाश, बेगम, कालीन, कुली, बारूद
फ़्रांसीसी · चीनी · जापानीकूपन, कारतूस · चाय, लीची · रिक्शा
रचना के आधार पर
रूढ़खंडों का अर्थ नहीं: घर, पेड़, जल
यौगिकसार्थक खंड, सामान्य अर्थ: विद्यालय, पुस्तकालय
योगरूढ़खंड + एक विशेष अर्थ: पंकज (पंक में जन्मा, पर केवल कमल), दशानन, लंबोदर, नीलकंठ, गिरिधर
"‘अग्नि’ का तद्भव?" · "कौन-सा तत्सम है: खेत / क्षेत्र" · "‘चाबी’ किस भाषा का शब्द?" (पुर्तगाली) · "देशज शब्द चुनो" (लोटा) · "‘पंकज’ किस प्रकार का शब्द?" (योगरूढ़)
उपसर्ग Prefixes (Upsarg)
उपसर्ग = शब्दांश जो शब्द के आरंभ में जुड़कर अर्थ बदल दे या विशेष बना दे; अकेले नहीं आते। हार → प्रहार, विहार, संहार, उपहार, आहार। 3 प्रकार: संस्कृत (22) · हिंदी · उर्दू/विदेशी
संस्कृत के 22 उपसर्ग
| उपसर्ग | अर्थ | शब्द | उपसर्ग | अर्थ | शब्द |
|---|---|---|---|---|---|
| अति | अधिक | अत्यंत, अतिरिक्त, अत्याचार | नि | नीचे, भीतर | निवास, नियम, निबंध |
| अधि | ऊपर, श्रेष्ठ | अधिकार, अध्यक्ष, अधिपति | निर् | बिना | निर्धन, निर्भय, निर्मल |
| अनु | पीछे, समान | अनुज, अनुकरण, अनुशासन | निस् | बिना | निश्चल, निष्फल, निस्तेज |
| अप | बुरा, विपरीत | अपमान, अपयश, अपशब्द | परा | उलटा, पीछे | पराजय, पराक्रम, पराभव |
| अपि | भी, ढकना | अपिधान | परि | चारों ओर | परिवार, परिक्रमा, परिश्रम |
| अभि | सामने, पास | अभिमान, अभिनय, अभिषेक | प्र | आगे, अधिक | प्रगति, प्रकाश, प्रबल |
| अव | नीचे, बुरा | अवगुण, अवनति, अवतार | प्रति | हर, उलटा | प्रतिदिन, प्रत्येक, प्रतिकूल |
| आ | तक, ओर | आजीवन, आगमन, आक्रमण | वि | विशेष, अलग | विज्ञान, विदेश, वियोग |
| उत्/उद् | ऊपर, श्रेष्ठ | उत्कर्ष, उत्थान, उन्नति | सम् | अच्छी तरह, साथ | संगम, संतोष, संयोग |
| उप | निकट, छोटा | उपवन, उपनाम, उपकार | सु | अच्छा | सुगम, सुपुत्र, स्वागत |
| दुर् | बुरा, कठिन | दुर्जन, दुर्गुण, दुर्बल | दुस् | बुरा | दुष्कर्म, दुस्साहस |
उपसर्ग + शब्द में अक्सर संधि भी होती है: अति + आचार = अत्याचार (यण) · सु + आगत = स्वागत · प्रति + एक = प्रत्येक · निः + चल = निश्चल
दो उपसर्ग भी लग सकते हैं: सम् + आ + चार = समाचार · प्रति + उप + कार = प्रत्युपकार · निर् + अभि + मान = निरभिमान
दो उपसर्ग भी लग सकते हैं: सम् + आ + चार = समाचार · प्रति + उप + कार = प्रत्युपकार · निर् + अभि + मान = निरभिमान
🇮🇳 हिंदी उपसर्गअ – अजान · अन – अनपढ़, अनबन · अध – अधमरा, अधपका · उन – उन्नीस, उनतीस · औ – औगुन, औघट · दु – दुबला · नि – निडर, निकम्मा · भर – भरपेट, भरपूर · कु (संस्कृत मूल) – कुपुत्र, कुचाल · स/सु – सपूत, सुडौल · चौ – चौराहा, चौमासा · पर – परदादा · बिन – बिनब्याहा
🌙 उर्दू/फ़ारसी उपसर्गकम – कमज़ोर · खुश – खुशबू · ग़ैर – ग़ैरहाज़िर · ना – नापसंद, नालायक · बद – बदनाम, बदबू · बे – बेईमान, बेचारा · ला – लापरवाह, लाजवाब · हम – हमसफ़र, हमउम्र · हर – हररोज़ · बा – बाइज़्ज़त · नीम – नीमहकीम · सर – सरताज, सरपंच · बिला – बिलावजह · फ़ी – फ़ीसदी · बिल – बिलकुल
उपसर्ग जैसे संस्कृत अव्यय: अ/अन (अधर्म, अनादि) · अधः (अधोगति) · अंतर् (अंतर्गत) · पुनर् (पुनर्जन्म) · सह (सहयोग) · स्व (स्वदेश) · बहिर् (बहिष्कार)
"‘अत्याचार’ में उपसर्ग?" (अति) · "‘प्रत्येक’ में उपसर्ग?" (प्रति) · "‘पराजय’ में उपसर्ग?" (परा) · "‘समाचार’ में कितने उपसर्ग?" (2: सम्, आ) · "‘बेईमान’ में कौन-सा उपसर्ग?" (बे — उर्दू)
प्रत्यय — कृत और तद्धित Suffixes (Pratyay)
प्रत्ययशब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द: पढ़ + आई
कृतक्रिया/धातु के बाद → कृदंत: लिखावट
तद्धितसंज्ञा/सर्वनाम/विशेषण के बाद → तद्धितांत: मानवता
उपसर्ग शुरू में, प्रत्यय अंत में। मूल शब्द क्रिया (पढ़, लिख) → कृत; संज्ञा/विशेषण (मानव, मीठा) → तद्धित।
कृत प्रत्यय क्रिया/धातु + प्रत्यय
हिंदी कृतआई लड़ाई, पढ़ाई · आवट सजावट, थकावट, लिखावट · आहट घबराहट · आव बचाव, बहाव · आवा बुलावा, छलावा · आन उड़ान, थकान · ऊ टिकाऊ, बिकाऊ · आक/आकू तैराक, लड़ाकू · अक्कड़ भुलक्कड़, घुमक्कड़ · एरा लुटेरा · इयल अड़ियल · नी ओढ़नी, चटनी · ना पढ़ना · ता बहता · कर पढ़कर · वाला/हार पढ़नेवाला, होनहार
संस्कृत कृतअक लेखक, पाठक, गायक · अन गमन, पठन, नयन · अनीय पठनीय, दर्शनीय, पूजनीय · तव्य कर्तव्य, गंतव्य, दृष्टव्य · ति गति, कृति, स्मृति · तृ कर्ता, दाता, नेता · क्त (त/इत) गत, कृत, ज्ञात, पठित, लिखित
कृदंत के प्रकार: कर्तृवाचक (लुटेरा, पाठक) · कर्मवाचक (खिलौना, बिछौना) · करणवाचक (बेलन, झाड़ू) · भाववाचक (लिखावट) · क्रियाद्योतक (बहता पानी)
कृदंत के प्रकार: कर्तृवाचक (लुटेरा, पाठक) · कर्मवाचक (खिलौना, बिछौना) · करणवाचक (बेलन, झाड़ू) · भाववाचक (लिखावट) · क्रियाद्योतक (बहता पानी)
तद्धित प्रत्यय संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण + प्रत्यय
संस्कृत तद्धितता मानवता, मित्रता · त्व मनुष्यत्व, गुरुत्व · इक धार्मिक, सामाजिक, ऐतिहासिक · ईय भारतीय, राष्ट्रीय · इत हर्षित, लज्जित, पुष्पित · मान/वान बुद्धिमान, धनवान · इमा लालिमा, महिमा · आलु दयालु, कृपालु · मय जलमय · शाली बलशाली · तर/तम उच्चतर, उच्चतम
हिंदी तद्धितपन बचपन, अपनापन · आपा बुढ़ापा, मोटापा · आई भलाई, अच्छाई · आस मिठास, खटास · एरा चचेरा, ममेरा · इया डिबिया, खटिया · ई धनी, क्रोधी, गुलाबी · ईला/ऐला रसीला, चमकीला / विषैला · ऐत डकैत · आइन/इन पंडिताइन, धोबिन · वाला दूधवाला (संज्ञा + वाला; क्रिया + वाला = कृत) · हरा सुनहरा
उर्दू/फ़ारसी तद्धितदार दुकानदार, ज़मींदार · गर जादूगर, कारीगर · ईन रंगीन, शौक़ीन · ची तोपची, तबलची · गार मददगार · दान पीकदान · बाज़ धोखेबाज़ · साज़ घड़ीसाज़ · मंद अक़्लमंद · नाक दर्दनाक · आना रोज़ाना, सालाना · खोर रिश्वतखोर
‘सुनहरा’ = सोना + हरा (तद्धित) · ‘मिठास’ = मीठा + आस (तद्धित) · ‘बुलावा’ = बुला + आवा (कृत) · ‘रंगीन’ = रंग + ईन (उर्दू तद्धित) · ‘ऐतिहासिक’ = इतिहास + इक
इक से पहला स्वर बढ़ता है: धर्म → धार्मिक, इतिहास → ऐतिहासिक, नीति → नैतिक। ‘आई’ कृत (पढ़ाई) भी, तद्धित (भलाई) भी। ‘इत’ हर बार तद्धित नहीं: पठित, लिखित = कृत (क्त)।
"‘बुढ़ापा’ में प्रत्यय?" (आपा) · "‘सामाजिक’ में प्रत्यय?" (इक) · "कृत प्रत्यय वाला शब्द चुनो" · "‘मिठास’ में मूल शब्द और प्रत्यय?" (मीठा + आस) · "‘पठनीय’ में प्रत्यय?" (अनीय) · "‘दयालु’ में?" (आलु)