Chapter 6 · Hindi Grammar
सर्वनाम और उसके भेद
Pronoun (Sarvanam)👤 सर्वनामसंज्ञा के स्थान पर आने वाला शब्द (सर्व + नाम = सबका नाम): "राम आया, वह थका था।"
🔟 11 मूल सर्वनाममैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ
🔢 6 भेदपुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक, निजवाचक
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. पुरुषवाचक | उत्तम पुरुष (बोलने वाला) · मध्यम पुरुष (सुनने वाला) · अन्य पुरुष (जिसकी बात हो) | मैं, हम · तू, तुम, आप (आदर) · वह, वे, यह, ये |
| 2. निश्चयवाचक | पास या दूर की निश्चित वस्तु / व्यक्ति | यह मेरी किताब है (पास) · वह उसका घर है (दूर) |
| 3. अनिश्चयवाचक | निश्चित पता नहीं: कोई (प्राणी), कुछ (वस्तु) | दरवाज़े पर कोई है · दूध में कुछ गिरा है |
| 4. संबंधवाचक | दो उपवाक्यों को जोड़े (जोड़ी में) | जो करेगा सो भरेगा · जिसकी लाठी उसकी भैंस |
| 5. प्रश्नवाचक | प्रश्न: कौन (प्राणी), क्या (वस्तु) | बाहर कौन है? · तुम क्या खा रहे हो? |
| 6. निजवाचक | कर्ता स्वयं के लिए: आप, स्वयं, खुद, अपने आप | मैं आप चला जाऊँगा · वह स्वयं आया · अपना काम करो |
‘आप’ के दो अर्थआदरसूचक (मध्यम पुरुष): आप कहाँ जा रहे हैं?
निजवाचक: मैं यह काम आप कर लूँगा (= स्वयं)। ‘आप’ को ‘स्वयं’ से बदलो — अर्थ न बदले तो निजवाचक।
निजवाचक: मैं यह काम आप कर लूँगा (= स्वयं)। ‘आप’ को ‘स्वयं’ से बदलो — अर्थ न बदले तो निजवाचक।
शब्द देखकर भेद: मैं-तुम-वह → पुरुषवाचक · यह-वह (संकेत) → निश्चय · कोई-कुछ → अनिश्चय · जो-सो → संबंध · कौन-क्या → प्रश्न · आप / स्वयं / खुद → निज।
यह / वह — पुरुषवाचक या निश्चयवाचक? पहले कही गई संज्ञा के बदले आए (किसी व्यक्ति की बात) → पुरुषवाचक (अन्य पुरुष): "राम आया; वह थका था।" किसी पास / दूर की चीज़ या व्यक्ति की ओर संकेत करे → निश्चयवाचक: "यह मेरा घर है", "वह किसकी गाड़ी है?"
सर्वनाम में लिंग के कारण रूप नहीं बदलता — "वह जाता है", "वह जाती है"; लिंग क्रिया से पता चलता है। सर्वनाम केवल पुरुष, वचन, कारक से बदलता है (मैं → हम, मुझे, मेरा)। सर्वनाम का संबोधन नहीं होता।
प्रश्न: "किसी ने दरवाज़ा खटखटाया" → पता नहीं कौन → अनिश्चयवाचक · "कौन आया है?" → प्रश्नवाचक
प्रश्न: "अपना काम स्वयं करो" → कर्ता के लिए → निजवाचक · "जिसने मेहनत की, उसने फल पाया" → संबंधवाचक
प्रश्न: "अपना काम स्वयं करो" → कर्ता के लिए → निजवाचक · "जिसने मेहनत की, उसने फल पाया" → संबंधवाचक
"‘जो करेगा सो भरेगा’ में सर्वनाम का भेद?" (संबंधवाचक) · "‘मैं आप चला जाऊँगा’ में ‘आप’?" (निजवाचक) · "‘कोई आ रहा है’ में?" (अनिश्चयवाचक) · "मूल सर्वनाम कितने?" (11) · "‘तुम’ किस पुरुष का सर्वनाम?" (मध्यम) · "‘राम आया; वह थका था’ में ‘वह’?" (पुरुषवाचक — अन्य पुरुष) · "सर्वनाम किससे नहीं बदलता?" (लिंग)
सर्वनाम के कारक-रूप Pronoun Forms with Case Signs
विभक्ति (ने, को, से…) लगने पर सर्वनाम का रूप बदलता है और परसर्ग सर्वनाम से मिलाकर लिखा जाता है (उसने, मुझसे)।
| सर्वनाम | ने | को | से | का / के / की | में |
|---|---|---|---|---|---|
| मैं | मैंने | मुझे, मुझको | मुझसे | मेरा, मेरे, मेरी | मुझमें |
| हम | हमने | हमें, हमको | हमसे | हमारा, हमारे, हमारी | हममें |
| तू / तुम | तूने / तुमने | तुझे / तुम्हें | तुझसे / तुमसे | तेरा / तुम्हारा | तुझमें / तुममें |
| आप | आपने | आपको | आपसे | आपका, आपके, आपकी | आपमें |
| वह / वे | उसने / उन्होंने | उसे / उन्हें | उससे / उनसे | उसका / उनका | उसमें / उनमें |
| यह / ये | इसने / इन्होंने | इसे / इन्हें | इससे / इनसे | इसका / इनका | इसमें / इनमें |
| कौन | किसने / किन्होंने | किसे, किसको / किन्हें | किससे / किनसे | किसका / किनका | किसमें / किनमें |
| कोई | किसी ने / किन्हीं ने | किसी को | किसी से | किसी का | किसी में |
| क्या | — (‘ने’ नहीं लगता) | — | किससे | किसका | किसमें |
| जो | जिसने / जिन्होंने | जिसे, जिसको / जिन्हें | जिससे / जिनसे | जिसका / जिनका | जिसमें / जिनमें |
विभक्ति लगने पर मूल रूप: मैं → मुझ · तू → तुझ · वह → उस · वे → उन · यह → इस · ये → इन · जो → जिस · सो → तिस · कौन / क्या → किस · कोई → किसी · ‘कुछ’ प्रायः नहीं बदलता
अशुद्ध → शुद्ध: मेरे को जाना है → मुझे जाना है · तेरे को → तुझे · हम हमारे घर गए → हम अपने घर गए (कर्ता का अपना → निजवाचक ‘अपना’) · कौन ने कहा → किसने कहा
मेरा, तेरा, हमारा, उसका को कुंजियाँ अलग-अलग नाम देती हैं: कुछ सार्वनामिक विशेषण (यौगिक), कुछ संबंध कारक में सर्वनाम। संज्ञा से ठीक पहले हो ("मेरा घर") और विकल्प में ‘सार्वनामिक विशेषण’ हो, तो प्रायः वही उत्तर।
प्रश्न: "___ ने यह चित्र बनाया?" (प्रश्न, ‘कौन’ + ने) → किसने
प्रश्न: "यह मेज़ ___ बनी है?" (‘क्या’ + से) → किससे
प्रश्न: "___ ने परिश्रम किया, वह सफल हुआ" (‘जो’ + ने) → जिसने
प्रश्न: "यह मेज़ ___ बनी है?" (‘क्या’ + से) → किससे
प्रश्न: "___ ने परिश्रम किया, वह सफल हुआ" (‘जो’ + ने) → जिसने
‘ने’ के साथ बहुवचन में -न्होंने: उन्होंने, इन्होंने, जिन्होंने, किन्होंने। ‘को’ के छोटे रूप में -ए / -एँ: मुझे, उसे, उन्हें, जिन्हें।
"शुद्ध रूप चुनो: मेरे को / मुझको" (मुझको) · "‘कौन’ + ने = ?" (किसने) · "‘वे’ + ने = ?" (उन्होंने) · "‘कोई’ का विभक्ति रूप?" (किसी) · "‘हम हमारे घर गए’ का शुद्ध रूप?" (हम अपने घर गए) · "‘जिन्होंने’ किस सर्वनाम का रूप?" (जो — संबंधवाचक)
विशेषण, विशेष्य, प्रविशेषण Adjective (Visheshan)
✨ विशेषणसंज्ञा / सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, मात्रा) बताने वाला शब्द: काली गाय।
🎯 विशेष्यजिसकी विशेषता बताई जाए: काली गाय → गाय विशेष्य।
➕ प्रविशेषणविशेषण की भी विशेषता: अत्यंत चतुर, बहुत सुंदर, बहुत ऊँचा।
विशेषण के 4 भेद
| भेद | क्या बताता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. गुणवाचक | गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, समय, स्थान | ईमानदार, दुष्ट, लाल, गोल, बीमार, नया, पुराना, भारतीय, ग्रामीण, ऊँचा |
| 2. संख्यावाचक | गिनती — निश्चित या अनिश्चित | निश्चित: दो, पहला, दुगुना · अनिश्चित: कुछ, कई, अनेक, सैकड़ों |
| 3. परिमाणवाचक | नाप-तौल (मात्रा) — निश्चित / अनिश्चित | निश्चित: दो किलो चीनी, चार लीटर दूध · अनिश्चित: थोड़ा दूध, बहुत पानी |
| 4. सार्वनामिक | सर्वनाम जो संज्ञा से पहले आकर विशेषता बताए | यह घर, वह लड़का, कोई आदमी, कौन छात्र, ऐसा काम, मेरा भाई |
निश्चित संख्यावाचक के 5 उपभेदगणनावाचक (गिनती): पूर्णांकबोधक — एक, दस, सौ · अपूर्णांकबोधक — आधा, पौन, सवा, डेढ़, ढाई
क्रमवाचक (क्रम): पहला, दूसरा, दसवाँ · आवृत्तिवाचक (= कितने गुना): दुगुना, तिगुना, चौगुना · समुदायवाचक (= पूरा समूह): दोनों, चारों, पाँचों · प्रत्येकबोधक (= हर एक): प्रत्येक, हर एक, एक-एक
क्रमवाचक (क्रम): पहला, दूसरा, दसवाँ · आवृत्तिवाचक (= कितने गुना): दुगुना, तिगुना, चौगुना · समुदायवाचक (= पूरा समूह): दोनों, चारों, पाँचों · प्रत्येकबोधक (= हर एक): प्रत्येक, हर एक, एक-एक
सार्वनामिक: मौलिक और यौगिकमौलिक (बिना बदले): यह पुस्तक, कोई लड़का
यौगिक (रूप बदलकर): ऐसा आदमी, इतना धन, जैसा काम, उतना पानी, मेरा घर
यौगिक (रूप बदलकर): ऐसा आदमी, इतना धन, जैसा काम, उतना पानी, मेरा घर
सर्वनाम या सार्वनामिक विशेषण? "यह मेरी पुस्तक है" → यह = सर्वनाम (अकेला)। "यह पुस्तक मेरी है" → यह = सार्वनामिक विशेषण (पुस्तक से पहले)।
कुछ / थोड़ा / बहुत: गिनने वाली संज्ञा के साथ → संख्यावाचक ("कुछ लड़के", "बहुत किताबें")। नापने वाली के साथ → परिमाणवाचक ("कुछ दूध", "बहुत पानी")।
उद्देश्य विशेषण (= विशेष्य से पहले आने वाला): "काली गाय घास चरती है" · विधेय विशेषण (= विशेष्य के बाद, क्रिया के पास): "गाय काली है"।
केवल आकारांत (अंत में ‘आ’) विशेषण लिंग-वचन से बदलते हैं: अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के (अच्छे लड़के ने)। बाकी नहीं बदलते: सुंदर लड़का, सुंदर लड़की, लाल साड़ियाँ।
केवल आकारांत (अंत में ‘आ’) विशेषण लिंग-वचन से बदलते हैं: अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के (अच्छे लड़के ने)। बाकी नहीं बदलते: सुंदर लड़का, सुंदर लड़की, लाल साड़ियाँ।
"‘बहुत सुंदर फूल’ में प्रविशेषण?" (बहुत) · "‘दुगुना’ कौन-सा विशेषण?" (आवृत्तिवाचक संख्यावाचक) · "‘दो किलो चीनी’?" (निश्चित परिमाणवाचक) · "‘कुछ लड़के’ में ‘कुछ’?" (अनिश्चित संख्यावाचक) · "‘वह लड़का पढ़ता है’ में ‘वह’?" (सार्वनामिक विशेषण) · "‘गाय काली है’ में विशेषण का प्रकार?" (विधेय)
विशेषण — तुलनात्मक अवस्थाएँ Degrees of Comparison
1. मूलावस्थासामान्य, कोई तुलना नहीं: राम चतुर है।
2. उत्तरावस्थादो में तुलना (-तर, ‘से अधिक’): राम श्याम से अधिक चतुर है।
3. उत्तमावस्थासबसे बढ़कर (-तम, ‘सबसे’): राम कक्षा में सबसे चतुर है।
| मूल | उत्तर (-तर) | उत्तम (-तम) |
|---|---|---|
| अधिक | अधिकतर | अधिकतम |
| लघु | लघुतर | लघुतम |
| उच्च | उच्चतर | उच्चतम |
| निम्न | निम्नतर | निम्नतम |
| प्रिय | प्रियतर | प्रियतम |
| गुरु | गुरुतर | गुरुतम |
| महत् | महत्तर | महत्तम |
| कोमल | कोमलतर | कोमलतम |
| सुंदर | सुंदरतर | सुंदरतम |
संस्कृत रीति: -ईयस् / -इष्ठगुरु → गरीयान् → गरिष्ठ · लघु → लघीयान् → लघिष्ठ · प्रशस्य → श्रेयान् → श्रेष्ठ · वृद्ध → ज्यायान् → ज्येष्ठ · युवन् / अल्प → कनीयान् → कनिष्ठ · बल → बलिष्ठ
‘श्रेष्ठ’ पहले से उत्तमावस्था है: "वह सबसे श्रेष्ठतम / सर्वश्रेष्ठतम है" ✗ → "वह सर्वश्रेष्ठ है" ✓। दो की तुलना में उत्तमावस्था नहीं: "दोनों में यह सबसे अच्छा" ✗ → "अधिक अच्छा" ✓।
हिंदी में तुलना कैसे लिखते हैं
| तरीका | उत्तरावस्था (दो में) | उत्तमावस्था (सब में) |
|---|---|---|
| हिंदी शब्द जोड़कर | से अधिक / से कम / की अपेक्षा / से बढ़कर: "सीता गीता से अधिक सुंदर है" | सबसे / सबमें: "हिमालय सबसे ऊँचा पर्वत है" |
| तत्सम प्रत्यय | -तर: "यह मार्ग सरलतर है" | -तम: "यह उच्चतम न्यायालय है" |
| ‘सर्व-’ उपसर्ग | — | सर्वश्रेष्ठ, सर्वोत्तम, सर्वोच्च (सर्व + उत्तम, सर्व + उच्च — गुण संधि) |
प्रश्न: ‘गुरुतम’ किस अवस्था में? → -तम → उत्तमावस्था
प्रश्न: ‘वह कक्षा में सबसे तेज़ है’ में विशेषण की अवस्था? → ‘सबसे’ → उत्तमावस्था
प्रश्न: ‘निम्न’ की उत्तरावस्था? → -तर → निम्नतर
प्रश्न: ‘वह कक्षा में सबसे तेज़ है’ में विशेषण की अवस्था? → ‘सबसे’ → उत्तमावस्था
प्रश्न: ‘निम्न’ की उत्तरावस्था? → -तर → निम्नतर
-तर = दो में (‘तर’ = तराज़ू के दो पलड़े) · -तम = सब में सबसे (‘तम’ = टॉप)। ‘सर्व-’ / ‘-इष्ठ’ वाले शब्द (सर्वोत्तम, श्रेष्ठ, ज्येष्ठ) पहले से उत्तमावस्था — इनके साथ ‘सबसे’ या ‘-तम’ फिर से न लगाओ।
"‘लघु’ की उत्तमावस्था?" (लघुतम) · "‘अधिकतर’ कौन-सी अवस्था?" (उत्तरावस्था) · "शुद्ध वाक्य: ‘वह सर्वश्रेष्ठतम है’ / ‘वह सर्वश्रेष्ठ है’" · "‘ज्येष्ठ’ किस अवस्था का शब्द?" (उत्तमावस्था) · "‘सीता गीता से अधिक सुंदर है’ में अवस्था?" (उत्तरावस्था)
विशेषण बनाना Forming Adjectives
विशेषण बनाना (संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, अव्यय से)
| किससे | उदाहरण (मूल → विशेषण) |
|---|---|
| संज्ञा से (-इक) | धर्म → धार्मिक · इतिहास → ऐतिहासिक · समाज → सामाजिक · भूगोल → भौगोलिक · दिन → दैनिक · वर्ष → वार्षिक · सप्ताह → साप्ताहिक · मास → मासिक · नगर → नागरिक · अर्थ → आर्थिक · विज्ञान → वैज्ञानिक |
| संज्ञा से (अन्य) | भारत → भारतीय · राष्ट्र → राष्ट्रीय · ग्राम → ग्रामीण · दया → दयालु · कृपा → कृपालु · बल → बलवान · बुद्धि → बुद्धिमान · विष → विषैला · रंग → रंगीन · भूख → भूखा · सुख → सुखी · जंगल → जंगली · पुष्प → पुष्पित · लज्जा → लज्जित |
| सर्वनाम से | मैं → मेरा · यह → ऐसा · वह → वैसा · जो → जैसा · कौन → कैसा |
| क्रिया से | भूलना → भुलक्कड़ · पढ़ना → पढ़ाकू · लड़ना → लड़ाकू · बिकना → बिकाऊ · टिकना → टिकाऊ · खेलना → खिलाड़ी · चलना → चालू · पीना → पियक्कड़ |
| अव्यय से | ऊपर → ऊपरी · भीतर → भीतरी · बाहर → बाहरी · नीचे → निचला · आगे → अगला · पीछे → पिछला |
| व्यक्तिवाचक संज्ञा से | बनारस → बनारसी (साड़ी) · लखनऊ → लखनवी · पंजाब → पंजाबी · कश्मीर → कश्मीरी · जापान → जापानी · भारत → भारतीय — कुछ पुस्तकें इन्हें व्यक्तिवाचक विशेषण कहती हैं |
विशेषण बनाने वाले मुख्य प्रत्यय
| प्रत्यय | उदाहरण | प्रत्यय | उदाहरण | प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|---|
| -वान | धनवान, बलवान | -ईय | भारतीय, राष्ट्रीय | -आलु | दयालु, कृपालु |
| -मान | बुद्धिमान, श्रीमान | -इक | धार्मिक, मासिक | -ईन | रंगीन, ग्रामीण, कुलीन |
| -शील | सहनशील, दानशील | -इत | पुष्पित, लज्जित | -ई | सुखी, धनी, जंगली |
| -हीन | बलहीन, धनहीन | -ईला | रंगीला, नशीला, ज़हरीला | -ऊ | पेटू, बाज़ारू, गँवारू |
| -युक्त / -पूर्ण | गुणयुक्त · आदरपूर्ण | -ऐला | विषैला, कसैला | -आऊ | बिकाऊ, टिकाऊ, दिखाऊ |
प्रश्न: ‘इतिहास’ का विशेषण? → इ → ऐ (आदि स्वर की वृद्धि) + इक → ऐतिहासिक (ऐतहासिक ✗)
प्रश्न: ‘सप्ताह’ का विशेषण? → अ → आ + इक → साप्ताहिक (सप्ताहिक ✗)
प्रश्न: ‘बिकाऊ’ में प्रत्यय? → बिक + आऊ (क्रिया से बना विशेषण)
प्रश्न: ‘सप्ताह’ का विशेषण? → अ → आ + इक → साप्ताहिक (सप्ताहिक ✗)
प्रश्न: ‘बिकाऊ’ में प्रत्यय? → बिक + आऊ (क्रिया से बना विशेषण)
-इक प्रत्यय लगे तो पहला स्वर बढ़ता है: अ → आ (धर्म → धार्मिक), इ → ऐ (इतिहास → ऐतिहासिक), उ/ऊ → औ (भूगोल → भौगोलिक), ए → ऐ (वेद → वैदिक)।
"‘समाज’ से विशेषण?" (सामाजिक) · "‘भूगोल’ से विशेषण?" (भौगोलिक) · "‘भुलक्कड़’ किस शब्द से बना?" (भूलना — क्रिया) · "‘दयालु’ में प्रत्यय?" (आलु) · "‘बनारसी’ किस संज्ञा से बना?" (व्यक्तिवाचक) · "‘ऊपरी’ किससे बना?" (अव्यय)