Chapter 15 · Economy & Transport
अर्थव्यवस्था के क्षेत्र और राष्ट्रीय आय
Sectors of the Economy & National Income| क्षेत्र | क्या आता है | ख़ास बात |
|---|---|---|
| प्राथमिक | प्रकृति से सीधे — कृषि, पशुपालन, मछली, वन, खनन | सबसे अधिक लोगों को रोज़गार; इसमें प्रच्छन्न (छिपी) बेरोज़गारी |
| द्वितीयक | कच्चे माल से वस्तु बनाना — उद्योग, निर्माण, बिजली | "औद्योगिक क्षेत्र" |
| तृतीयक (सेवा) | बैंक, बीमा, परिवहन, संचार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, IT | GDP में सबसे बड़ा हिस्सा |
🏭 अन्य वर्गीकरणसंगठित — पंजीकृत, नियमित वेतन, नियम लागू (सरकारी दफ़्तर, बड़ी कंपनियाँ) · असंगठित — छोटे, अनियमित, सुरक्षा कम (खेतिहर मज़दूर, ठेले वाले)। सार्वजनिक (सरकार का स्वामित्व — रेलवे, डाक) · निजी। भारत — मिश्रित अर्थव्यवस्था।
🧾 राष्ट्रीय आय — कौन बनाता?राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी मंत्रालय। वित्त वर्ष — 1 अप्रैल से 31 मार्च। पहला अनुमान — दादाभाई नौरोजी (1867–68); वैज्ञानिक अनुमान — वी. के. आर. वी. राव (1931); स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय आय समिति — पी. सी. महालनोबिस (1949)।
GDP (सकल घरेलू उत्पाद) = देश की सीमा के भीतर एक वर्ष में बनी सभी अंतिम वस्तुओं-सेवाओं का बाज़ार मूल्य
GNP = GDP + विदेश से शुद्ध आय (विदेश से आई आय − विदेश गई आय)
NNP = GNP − मूल्यह्रास (मशीनों की घिसाई) · राष्ट्रीय आय = साधन लागत पर NNP
प्रति व्यक्ति आय = राष्ट्रीय आय ÷ जनसंख्या
GNP = GDP + विदेश से शुद्ध आय (विदेश से आई आय − विदेश गई आय)
NNP = GNP − मूल्यह्रास (मशीनों की घिसाई) · राष्ट्रीय आय = साधन लागत पर NNP
प्रति व्यक्ति आय = राष्ट्रीय आय ÷ जनसंख्या
GDP = ₹100 लाख करोड़; विदेश से आय ₹5, विदेश गई आय ₹2; मूल्यह्रास ₹10 (सब लाख करोड़ में)
→ GNP = 100 + (5 − 2) = 103 · NNP = 103 − 10 = 93 लाख करोड़
राष्ट्रीय आय ₹150 लाख करोड़, जनसंख्या 150 करोड़ → प्रति व्यक्ति आय = 150 लाख करोड़ ÷ 150 करोड़ = ₹1,00,000
→ GNP = 100 + (5 − 2) = 103 · NNP = 103 − 10 = 93 लाख करोड़
राष्ट्रीय आय ₹150 लाख करोड़, जनसंख्या 150 करोड़ → प्रति व्यक्ति आय = 150 लाख करोड़ ÷ 150 करोड़ = ₹1,00,000
मध्यवर्ती वस्तुएँ (जैसे बिस्कुट बनाने का आटा) GDP में नहीं जुड़तीं — वरना दोहरी गणना होगी। मूल्यवर्धन विधि से गिनते। वास्तविक GDP = स्थिर (आधार वर्ष की) क़ीमतों पर; नाममात्र GDP = चालू क़ीमतों पर।
GDP में "घरेलू" = देश की सीमा; GNP में "राष्ट्रीय" = देश के नागरिक (कहीं भी हों)। विदेश में काम करने वाले भारतीय की आय भारत के GNP में जुड़ती, GDP में नहीं।
"सबसे अधिक रोज़गार किस क्षेत्र में?" · "GDP में सबसे बड़ा हिस्सा?" · "बैंकिंग किस क्षेत्र में?" · "GNP निकालो (GDP, विदेशी आय दी)" · "NNP = GNP − ?" · "राष्ट्रीय आय कौन मापता?" · "राष्ट्रीय आय का पहला अनुमान?" · "भारत का वित्त वर्ष?" · "प्रति व्यक्ति आय कैसे?"
मुद्रा, बैंकिंग और कर Money, Banking & Taxes
💰 मुद्रापहले वस्तु-विनिमय (बार्टर) — "आवश्यकताओं के दोहरे संयोग" की समस्या। मुद्रा के काम: विनिमय का माध्यम, मूल्य का मापक, मूल्य का संचय, भविष्य के भुगतान। रुपये का चिह्न ₹ — 2010 (डी. उदय कुमार)। ₹1 का नोट और सिक्के — भारत सरकार (वित्त मंत्रालय); बाकी नोट — RBI।
🏦 भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)RBI अधिनियम 1934 के तहत 1 अप्रैल 1935 को स्थापित (हिल्टन यंग आयोग); राष्ट्रीयकरण 1 जनवरी 1949; मुख्यालय मुंबई (पहले कोलकाता); पहले भारतीय गवर्नर — सी. डी. देशमुख।
काम: नोट छापना · बैंकों का बैंक · सरकार का बैंक · मौद्रिक नीति — मौद्रिक नीति समिति (6 सदस्य, 2016); महँगाई लक्ष्य 4% (±2%)।
काम: नोट छापना · बैंकों का बैंक · सरकार का बैंक · मौद्रिक नीति — मौद्रिक नीति समिति (6 सदस्य, 2016); महँगाई लक्ष्य 4% (±2%)।
| मौद्रिक उपकरण | अर्थ | बढ़ाने का असर |
|---|---|---|
| रेपो दर | RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण जिस दर पर देता | ऋण महँगा → बाज़ार में पैसा घटे → महँगाई घटे |
| रिवर्स रेपो | बैंक RBI के पास पैसा रखें तो मिलने वाली दर | बैंक पैसा RBI में रखें |
| CRR (नकद आरक्षित अनुपात) | जमा का हिस्सा जो बैंक RBI के पास नकद रखें | ऋण देने को कम पैसा |
| SLR (सांविधिक तरलता अनुपात) | जमा का हिस्सा जो बैंक अपने पास नकद, सोना, सरकारी प्रतिभूति में रखें | ऋण देने को कम पैसा |
| बैंकिंग — घटना | वर्ष | बैंकिंग — घटना | वर्ष |
|---|---|---|---|
| भारतीय स्टेट बैंक (इंपीरियल बैंक से) | 1 जुलाई 1955 | 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण · 6 और | 19 जुलाई 1969 · 1980 |
| क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक | 2 अक्टूबर 1975 | NABARD (कृषि व ग्रामीण विकास) | 12 जुलाई 1982 |
| SIDBI (लघु उद्योग) | 1990 | नई आर्थिक नीति — उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण | 1991 |
| प्रधानमंत्री जन धन योजना | 28 अगस्त 2014 | UPI (NPCI) | 2016 |
| विमुद्रीकरण (₹500, ₹1000 नोट बंद) | 8 नवंबर 2016 | GST (101वाँ संशोधन) | 1 जुलाई 2017 |
🧾 करप्रत्यक्ष — जिस पर लगे वही चुकाए: आयकर, निगम कर · अप्रत्यक्ष — भार दूसरे पर: GST, सीमा शुल्क। GST — "एक राष्ट्र, एक कर"; GST परिषद (अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री)। बजट (अनु. 112) — 1 फ़रवरी को पेश।
📈 महँगाई (मुद्रास्फीति)क़ीमतों का लगातार बढ़ना → रुपये की क्रय शक्ति घटती। CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) — NSO; WPI (थोक मूल्य सूचकांक)। उल्टा — अपस्फीति (क़ीमतें गिरना)। माँग अधिक → माँग-जनित; लागत बढ़े → लागत-जनित महँगाई।
"RBI की स्थापना / राष्ट्रीयकरण?" · "₹1 का नोट कौन जारी करता?" · "रेपो दर बढ़ाने का असर?" · "CRR क्या है?" · "बैंक राष्ट्रीयकरण कब?" · "GST कब लागू?" · "आयकर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष?"
गरीबी, बेरोज़गारी, योजना और नीति आयोग Poverty, Unemployment, Planning & NITI Aayog
📉 गरीबीगरीबी रेखा — न्यूनतम ज़रूरतों (भोजन, वस्त्र, आवास) के खर्च के आधार पर। अनुमान समितियाँ: लकड़ावाला (1993), तेंदुलकर (2009), रंगराजन (2014)। बहुआयामी गरीबी सूचकांक — स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर (नीति आयोग)।
योजनाएँ: मनरेगा (2005 का क़ानून; 2006 से) — ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन रोज़गार की गारंटी · राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (2013) · अंत्योदय अन्न योजना (2000) · प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला (2016, LPG), आयुष्मान भारत (2018, स्वास्थ्य बीमा)।
योजनाएँ: मनरेगा (2005 का क़ानून; 2006 से) — ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन रोज़गार की गारंटी · राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (2013) · अंत्योदय अन्न योजना (2000) · प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला (2016, LPG), आयुष्मान भारत (2018, स्वास्थ्य बीमा)।
🧑🏭 बेरोज़गारी के प्रकारप्रच्छन्न (छिपी) — ज़रूरत से अधिक लोग एक काम में (खेती) · मौसमी — साल के कुछ महीने काम नहीं (खेती) · संरचनात्मक — कौशल और नौकरी का मेल नहीं · घर्षणात्मक — एक नौकरी छोड़ दूसरी ढूँढ़ने के बीच · शिक्षित बेरोज़गारी। आँकड़े — आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), NSO।
कार्यक्रम: मेक इन इंडिया (2014), स्किल इंडिया (2015), स्टार्टअप इंडिया (2016), मुद्रा योजना (2015)।
कार्यक्रम: मेक इन इंडिया (2014), स्किल इंडिया (2015), स्टार्टअप इंडिया (2016), मुद्रा योजना (2015)।
योजना आयोग — 15 मार्च 1950 (अध्यक्ष — प्रधानमंत्री, पहले — नेहरू); राष्ट्रीय विकास परिषद — 1952 · नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) — 1 जनवरी 2015 से योजना आयोग की जगह; अध्यक्ष — प्रधानमंत्री; पहले उपाध्यक्ष — अरविंद पनगढ़िया; गवर्निंग काउंसिल में सभी मुख्यमंत्री → "सहकारी संघवाद"; ऊपर से योजना नहीं, "थिंक टैंक"।
| पंचवर्षीय योजना | वर्ष | ज़ोर / ख़ास बात |
|---|---|---|
| पहली | 1951–56 | कृषि, सिंचाई (हैरोड-डोमर मॉडल); सफल |
| दूसरी | 1956–61 | भारी उद्योग (महालनोबिस मॉडल); भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर |
| तीसरी | 1961–66 | आत्मनिर्भरता; युद्ध (1962, 1965) व सूखे से असफल → योजना अवकाश (1966–69, वार्षिक योजनाएँ) |
| चौथी · पाँचवीं | 1969–74 · 1974–78 | स्थिरता के साथ विकास · "गरीबी हटाओ"; एक वर्ष पहले समाप्त → अनवरत योजना (1978–80) |
| छठी · सातवीं | 1980–85 · 1985–90 | गरीबी उन्मूलन · खाद्यान्न, रोज़गार, उत्पादकता (1990–92 — वार्षिक योजनाएँ) |
| आठवीं | 1992–97 | मानव संसाधन विकास; 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद |
| नौवीं · दसवीं | 1997–2002 · 2002–07 | सामाजिक न्याय के साथ विकास · 8% वृद्धि का लक्ष्य |
| ग्यारहवीं · बारहवीं | 2007–12 · 2012–17 | तीव्र और अधिक समावेशी विकास · तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास — अंतिम पंचवर्षीय योजना |
"मनरेगा में कितने दिन का रोज़गार?" · "प्रच्छन्न बेरोज़गारी किस क्षेत्र में?" · "योजना आयोग कब बना?" · "नीति आयोग कब, अध्यक्ष कौन?" · "भारी उद्योग वाली योजना / मॉडल?" · "योजना अवकाश कब?" · "गरीबी हटाओ किस योजना में?" · "अंतिम पंचवर्षीय योजना?" · "उज्ज्वला योजना किससे जुड़ी?"