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Chapter 8 · Physics

पदार्थ के गुण

Elasticity · Surface Tension · Viscosity

प्रत्यास्थता (Elasticity)

बल हटाने पर वस्तु का अपने पुराने आकार में लौट आना। हुक का नियम: प्रत्यास्थता की सीमा में प्रतिबल ∝ विकृति।

प्रतिबल (Stress) = बल ÷ क्षेत्रफल  |  विकृति (Strain) = लंबाई में परिवर्तन ÷ मूल लंबाई (कोई मात्रक नहीं)  |  यंग प्रत्यास्थता गुणांक Y = प्रतिबल ÷ विकृति
स्टील, रबर से अधिक प्रत्यास्थ है! (एक जैसा खिंचाव लाने के लिए स्टील में कहीं अधिक बल चाहिए)। पूर्ण प्रत्यास्थ के निकट: क्वार्ट्ज़; पूर्ण प्लास्टिक के निकट: गीली मिट्टी, पुट्टी।

पृष्ठ तनाव (Surface Tension)

द्रव की सतह खिंची हुई झिल्ली जैसा व्यवहार करती है — सतह को न्यूनतम रखने की प्रवृत्ति। ताप बढ़ने पर घटता है; साबुन/डिटर्जेंट मिलाने पर घटता है।
उदाहरण: बारिश की बूँदें और पारे की बूँद गोल; कीड़े पानी पर चलते हैं; सुई पानी पर तैर सकती है; गर्म पानी/साबुन के पानी से कपड़े अच्छे धुलते हैं; समुद्र पर तेल डालने से लहरें शांत।

केशिकत्व (Capillarity)

पतली नली में द्रव का ऊपर चढ़ना (या पारे जैसे द्रव में नीचे उतरना)। नली जितनी पतली, उतना ऊँचा चढ़ता है।
उदाहरण: दीये/लालटेन की बत्ती में तेल; ब्लॉटिंग पेपर से स्याही सोखना; तौलिया पानी सोखता है; पौधों में पानी ऊपर (आंशिक); जुते खेत से नमी कम उड़ती है।

श्यानता (Viscosity)

द्रव की परतों के बीच घर्षण = बहने में रुकावट। शहद, ग्रीस, ग्लिसरीन — अधिक श्यान; पानी, पेट्रोल — कम।
ताप बढ़ने पर द्रव की श्यानता घटती (गर्म शहद पतला), पर गैस की श्यानता बढ़ती है। गाढ़ा द्रव (शहद) धीरे बहता है।

पदार्थ की अवस्थाएँ — ऊर्जा के साथ बदलाव

🧊 ठोस 💧 द्रव 💨 गैस गलन → (गलनांक)← हिमीकरण वाष्पन / क्वथन →← संघनन
ऊर्ध्वपातन = ठोस सीधे गैस: कपूर, नेफ़्थलीन (फ़िनाइल की गोली), आयोडीन, शुष्क बर्फ़, अमोनियम क्लोराइड। चौथी अवस्था प्लाज़्मा (सूर्य, तारे), पाँचवीं बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट (सत्येंद्र नाथ बोस 🇮🇳)।
"बारिश की बूँदें गोल क्यों?" · "बत्ती में तेल किस कारण?" · "रबर और स्टील में अधिक प्रत्यास्थ?" (स्टील) · "ताप बढ़ने पर द्रव की श्यानता?" · "कपूर का उड़ना कौन-सी प्रक्रिया?" · "विकृति का मात्रक?" (कोई नहीं)

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