Chapter 10 · Physics
प्रकाश — परावर्तन और दर्पण
Light: Reflection & Mirrors⚡ चालनिर्वात/हवा में 3 × 10⁸ m/s; पानी में ~2.25 × 10⁸; काँच में ~2 × 10⁸ m/s। सूर्य से पृथ्वी तक ~8 मिनट 20 सेकंड।
🌊 प्रकृतिविद्युत-चुंबकीय, अनुप्रस्थ तरंग; माध्यम की ज़रूरत नहीं। कण-प्रकृति भी (फ़ोटॉन)।
🔦 सरल रेखा मेंइसलिए छाया बनती है; सूर्य/चंद्र ग्रहण; पिन-होल कैमरा में उल्टा प्रतिबिंब।
परावर्तन के नियम: (1) आपतन कोण i = परावर्तन कोण r (2) आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में
दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u | f = R/2 (फ़ोकस दूरी = वक्रता त्रिज्या का आधा) | आवर्धन m = −v/u
दो दर्पणों में प्रतिबिंब: n = (360 ÷ θ) − 1 (θ = 90° → 3; θ = 60° → 5; समांतर दर्पण → अनंत)
दर्पण सूत्र: 1/f = 1/v + 1/u | f = R/2 (फ़ोकस दूरी = वक्रता त्रिज्या का आधा) | आवर्धन m = −v/u
दो दर्पणों में प्रतिबिंब: n = (360 ÷ θ) − 1 (θ = 90° → 3; θ = 60° → 5; समांतर दर्पण → अनंत)
🪞 समतल दर्पणआभासी, सीधा, वस्तु के बराबर, उतनी ही दूरी पीछे, पार्श्व उल्टा (AMBULANCE उल्टा लिखा)। पूरा शरीर देखने के लिए दर्पण की लंबाई = ऊँचाई की आधी।
उपयोगअवतल: दाढ़ी बनाना, दंत चिकित्सक, टॉर्च/हेडलाइट/सर्चलाइट का परावर्तक, सोलर कुकर, ENT डॉक्टर का दर्पण।
उत्तल: वाहन का पीछे देखने का दर्पण (बड़ा क्षेत्र), सड़क के मोड़ पर, दुकानों में सुरक्षा दर्पण।
उत्तल: वाहन का पीछे देखने का दर्पण (बड़ा क्षेत्र), सड़क के मोड़ पर, दुकानों में सुरक्षा दर्पण।
अवतल दर्पण से प्रतिबिंब — वस्तु कहाँ, प्रतिबिंब कैसा
| वस्तु की स्थिति | प्रतिबिंब की स्थिति | प्रकृति और आकार |
|---|---|---|
| अनंत पर | फ़ोकस F पर | वास्तविक, उल्टा, बिंदु जैसा |
| C से परे | F और C के बीच | वास्तविक, उल्टा, छोटा |
| C पर | C पर | वास्तविक, उल्टा, बराबर |
| C और F के बीच | C से परे | वास्तविक, उल्टा, बड़ा |
| F पर | अनंत पर | वास्तविक, उल्टा, बहुत बड़ा |
| F और ध्रुव P के बीच | दर्पण के पीछे | आभासी, सीधा, बड़ा (दाढ़ी बनाने वाला) |
उत्तल दर्पण हमेशा: आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब — वस्तु कहीं भी हो। वास्तविक प्रतिबिंब पर्दे पर आता है और हमेशा उल्टा होता है।
प्रश्न: अवतल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm। फ़ोकस दूरी? → f = 20 ÷ 2 = 10 cm।
प्रश्न: दो दर्पण 60° पर — प्रतिबिंब? → 360/60 − 1 = 5
प्रश्न: दो दर्पण 60° पर — प्रतिबिंब? → 360/60 − 1 = 5
"वाहनों में पीछे देखने का दर्पण?" · "दाढ़ी बनाने का दर्पण?" · "समतल दर्पण से पूरा प्रतिबिंब देखने को न्यूनतम लंबाई?" · "दो दर्पण 90° पर, प्रतिबिंब?" · "f और R का संबंध?" · "C पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब?"
प्रकाश — अपवर्तन, लेंस, रंग Refraction, Lenses, Colours
अपवर्तनांक n = c ÷ v (निर्वात में चाल ÷ माध्यम में चाल) — पानी 1.33, काँच 1.5, हीरा 2.42 (सबसे अधिक)
स्नेल का नियम: n₁ sin i = n₂ sin r | लेंस सूत्र: 1/f = 1/v − 1/u | आवर्धन m = v/u
लेंस की क्षमता P = 1/f (f मीटर में) — मात्रक डायोप्टर (D); उत्तल + , अवतल − | संयोजन: P = P₁ + P₂
स्नेल का नियम: n₁ sin i = n₂ sin r | लेंस सूत्र: 1/f = 1/v − 1/u | आवर्धन m = v/u
लेंस की क्षमता P = 1/f (f मीटर में) — मात्रक डायोप्टर (D); उत्तल + , अवतल − | संयोजन: P = P₁ + P₂
🥄 अपवर्तन के उदाहरणपानी में डूबी पेंसिल मुड़ी दिखना; तालाब उथला दिखना; पानी में सिक्का ऊपर दिखना; तारों का टिमटिमाना; सूर्योदय से 2 मिनट पहले सूर्य दिखना।
💎 पूर्ण आंतरिक परावर्तनसघन से विरल माध्यम में, क्रांतिक कोण से बड़ा कोण। उदाहरण: हीरे की चमक, ऑप्टिकल फ़ाइबर, रेगिस्तान में मरीचिका, पानी में डूबी परखनली चमकना।
प्रश्न: लेंस की फ़ोकस दूरी +50 cm। क्षमता? → P = 1 ÷ 0.5 = +2 D (उत्तल)। प्रश्न: −2 D का लेंस? → f = 1 ÷ (−2) = −50 cm, अवतल। प्रश्न: +3 D और −1 D साथ? → +2 D
उत्तल लेंस से प्रतिबिंब
| वस्तु | प्रतिबिंब | प्रकृति | उपयोग |
|---|---|---|---|
| अनंत पर | F₂ पर | वास्तविक, उल्टा, बिंदु | सूर्य की किरणें केंद्रित करना (आग) |
| 2F₁ से परे | F₂ और 2F₂ के बीच | वास्तविक, उल्टा, छोटा | कैमरा, आँख |
| 2F₁ पर | 2F₂ पर | वास्तविक, उल्टा, बराबर | फ़ोटोकॉपी मशीन |
| F₁ और 2F₁ के बीच | 2F₂ से परे | वास्तविक, उल्टा, बड़ा | प्रोजेक्टर |
| F₁ और लेंस के बीच | उसी ओर | आभासी, सीधा, बड़ा | आवर्धक लेंस (Magnifying glass) |
अवतल लेंस हमेशा आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब बनाता है। पानी में रखा हवा का बुलबुला अवतल लेंस जैसा काम करता है।
प्रकाश और रंग 🌈
वर्ण-विक्षेपण (प्रिज़्म)सफ़ेद प्रकाश 7 रंगों में: VIBGYOR / बैनीआहपीनाला। बैंगनी सबसे अधिक मुड़ता (तरंगदैर्ध्य सबसे कम), लाल सबसे कम (तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक)। इंद्रधनुष = वर्ण-विक्षेपण + अपवर्तन + पूर्ण आंतरिक परावर्तन; सदा सूर्य के विपरीत दिशा में।
प्रकीर्णन (बिखराव)नीला प्रकाश अधिक बिखरता है → आकाश नीला; सूर्योदय-सूर्यास्त पर लाल (लंबा रास्ता); ख़तरे के संकेत लाल (कम बिखरता, दूर तक दिखे); अंतरिक्ष से आकाश काला; बादल सफ़ेद।
प्रकाश के प्राथमिक रंग: लाल, हरा, नीला (तीनों मिलकर सफ़ेद)। पूरक रंग: लाल+सियान, हरा+मैजेंटा, नीला+पीला = सफ़ेद।
वस्तु उसी रंग की दिखती है जो वह परावर्तित करती है। लाल गुलाब को हरे प्रकाश में देखो → काला दिखेगा। पत्ती हरी क्योंकि हरा परावर्तित करती है।
"तारे क्यों टिमटिमाते हैं?" · "हीरा क्यों चमकता है?" · "सबसे अधिक अपवर्तनांक?" · "लेंस की क्षमता का मात्रक?" · "+2 D लेंस की फ़ोकस दूरी?" · "आकाश नीला/सूर्यास्त लाल क्यों?" · "प्रिज़्म में सबसे अधिक कौन मुड़ता है?" · "लाल फूल हरे प्रकाश में?"