Chapter 3 · Geography
पृथ्वी की आंतरिक संरचना
Structure of the Earth — Interior🪨स्थलमंडलठोस भाग — चट्टानें, मिट्टी (≈29% सतह)
🌊जलमंडलसारा पानी — महासागर, नदियाँ, बर्फ़ (≈71% सतह)
🌬️वायुमंडलपृथ्वी को घेरे गैसों की परत
🌱जैवमंडलजहाँ जीवन है — तीनों मंडलों का मिलन क्षेत्र
| परत | मुख्य बातें |
|---|---|
| भूपर्पटी | महाद्वीपीय भाग सियाल (SiAl) = सिलिका + एल्युमिनियम, मोटा (औसत ≈ 30–35 km)। महासागरीय भाग सीमा (SiMa) = सिलिका + मैग्नीशियम, पतला (≈ 5–10 km)। |
| मेंटल | पृथ्वी के आयतन का सबसे बड़ा भाग; ऊपरी और निचला मेंटल। ऊपरी भाग में दुर्बलतामंडल (एस्थेनोस्फीयर) — अर्ध-पिघला, मैग्मा का स्रोत। |
| क्रोड | निफ़े (NiFe) = निकेल + लोहा। सबसे भारी व सबसे गर्म भाग। बाह्य क्रोड तरल, आंतरिक क्रोड ठोस (बहुत अधिक दाब के कारण)। |
स्थलमंडल (लिथोस्फीयर) = भूपर्पटी + मेंटल का सबसे ऊपरी ठोस भाग (≈100 km)। यही टूटकर प्लेटें बनाता है। गहराई के साथ ताप, दाब और घनत्व तीनों बढ़ते हैं। पृथ्वी का औसत घनत्व ≈ 5.5 g/cm³ (भूपर्पटी ≈ 3, क्रोड ≈ 13 तक)। केंद्र का ताप ≈ 5,500°C से अधिक। बाह्य क्रोड के बहते लोहे से पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बनता है। आयतन: भूपर्पटी ≈ 1%, मेंटल ≈ 84%, क्रोड ≈ 15%।
असंबद्धताएँ — दो परतों के बीच की सीमाएँ
| असंबद्धता | किसके बीच | असंबद्धता | किसके बीच |
|---|---|---|---|
| कोनराड | ऊपरी (सियाल) और निचली (सीमा) भूपर्पटी | रेपेटी | ऊपरी और निचला मेंटल |
| मोहो (मोहोरोविसिक) | भूपर्पटी और मेंटल | गुटेनबर्ग | मेंटल और क्रोड (≈2,900 km) |
| लेहमन — बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड (≈5,150 km) | क्रम: कोनराड → मोहो → रेपेटी → गुटेनबर्ग → लेहमन | ||
"को मो रे गु ले" — ऊपर से नीचे: कोनराड, मोहो, रेपेटी, गुटेनबर्ग, लेहमन। परतें: "सियाल-सीमा-निफ़े" = ऊपर-बीच-केंद्र।
"सियाल किससे बना?" · "निफ़े कहाँ?" · "मोहो असंबद्धता किनके बीच?" · "गुटेनबर्ग की गहराई?" · "मैग्मा का स्रोत?" · "पृथ्वी का औसत घनत्व?" · "पृथ्वी की सबसे पतली परत?"
तत्व, चट्टानें और भूकंपीय तरंगें Elements, Rocks & Seismic Waves
⚗️ भूपर्पटी में तत्व (अधिकता के क्रम में)ऑक्सीजन (≈46.6%) > सिलिकॉन (≈27.7%) > एल्युमिनियम (≈8.1%) > लोहा (≈5%) > कैल्शियम > सोडियम > पोटैशियम > मैग्नीशियम
सबसे अधिक धातु — एल्युमिनियम। पूरी पृथ्वी में सबसे अधिक — लोहा।
सबसे अधिक धातु — एल्युमिनियम। पूरी पृथ्वी में सबसे अधिक — लोहा।
"O Si Al Fe Ca Na K Mg" — "ओ सी अल फ़े, कैना के मग"
💨 वायुमंडल की गैसें (आयतन से)नाइट्रोजन ≈ 78% · ऑक्सीजन ≈ 21% · आर्गन ≈ 0.93% · कार्बन डाइऑक्साइड ≈ 0.04% · साथ में जलवाष्प और धूलकण।
CO₂ कम है, पर ग्रीनहाउस प्रभाव से पृथ्वी को गर्म रखती है। ओज़ोन (O₃) परत सूर्य की पराबैंगनी (UV) किरणों को रोकती है।
CO₂ कम है, पर ग्रीनहाउस प्रभाव से पृथ्वी को गर्म रखती है। ओज़ोन (O₃) परत सूर्य की पराबैंगनी (UV) किरणों को रोकती है।
🪨 चट्टानें (शैल) — तीन प्रकार
| प्रकार | कैसे बनती | उदाहरण |
|---|---|---|
| आग्नेय (प्राथमिक शैल) | पिघले मैग्मा/लावा के ठंडा होकर जमने से। जीवाश्म नहीं, परतें नहीं। | अंदर जमी (अंतर्वेधी): ग्रेनाइट; गैब्रो; सतह पर जमी (बहिर्वेधी): बेसाल्ट (दक्कन ट्रैप → काली मिट्टी), ऑब्सीडियन (ज्वालामुखी काँच), प्यूमिस |
| अवसादी (परतदार) | कणों (अवसाद) के परत-दर-परत जमकर दबने से। जीवाश्म इन्हीं में मिलते हैं। | बलुआ पत्थर, चूना पत्थर, शेल, कोयला, सेंधा नमक, जिप्सम, कांग्लोमरेट |
| कायांतरित | ताप और दाब से पुरानी चट्टान का रूप बदलने से। | चूना पत्थर → संगमरमर · बलुआ पत्थर → क्वार्टज़ाइट · शेल → स्लेट · ग्रेनाइट → नीस · स्लेट → शिस्ट · कोयला → ग्रेफ़ाइट |
खनिज = प्राकृतिक तत्व/यौगिक (जैसे क्वार्ट्ज़, फ़ेल्डस्पार); चट्टान = खनिजों का मिश्रण। एक प्रकार की चट्टान लंबे समय में दूसरे प्रकार में बदलती रहती है = शैल चक्र। स्थल सतह के ≈ 75% भाग पर अवसादी चट्टानें, पर भूपर्पटी के आयतन का ≈ 95% आग्नेय व कायांतरित। प्यूमिस (झाँवाँ) — इतनी हल्की आग्नेय चट्टान कि पानी पर तैरती है। ताजमहल — संगमरमर।
भूकंपीय तरंगें — इन्हीं से भीतर का पता चला
| तरंग | प्रकार | किसमें चलती | ख़ास बात |
|---|---|---|---|
| P (प्राथमिक) | अनुदैर्ध्य | ठोस, द्रव, गैस — सब में | सबसे तेज़, सबसे पहले पहुँचती |
| S (द्वितीयक) | अनुप्रस्थ | केवल ठोस में | 105° के आगे नहीं मिलती → बाह्य क्रोड तरल का प्रमाण; P क्रोड में मुड़ती → 105°–145° = P का छाया क्षेत्र |
| L (सतही) | सतह पर | केवल सतह पर | सबसे धीमी, पर सबसे अधिक विनाश |
"भूपर्पटी में सबसे अधिक तत्व?" · "सबसे अधिक धातु?" · "वायुमंडल में सबसे अधिक गैस?" · "संगमरमर किस चट्टान से?" · "जीवाश्म किस चट्टान में?" · "कौन-सी तरंग द्रव से नहीं गुज़रती?" · "सबसे तेज़ तरंग?" · "ग्रेनाइट / बेसाल्ट कैसी चट्टान?" · "शेल बदलकर क्या बनता?"
वायुमंडल, भूकंप व ज्वालामुखी Atmosphere, Earthquakes & Volcanoes
🌤️ वायुमंडल की परतें (नीचे से ऊपर)
| परत | लगभग ऊँचाई | मुख्य बातें |
|---|---|---|
| क्षोभमंडल | विषुवत पर ≈ 18 km, ध्रुवों पर ≈ 8 km तक | सबसे निचली; मौसम की सारी घटनाएँ — बादल, वर्षा, आँधी; लगभग सारी जलवाष्प यहीं। ऊपर जाने पर ताप घटता (≈ 6.5°C प्रति km)। ऊपरी सीमा — क्षोभसीमा |
| समतापमंडल | ≈ 50 km तक | ओज़ोन परत (≈ 15–35 km) यहीं; ओज़ोन UV सोखती है, इसलिए ऊपर जाने पर ताप बढ़ता; मौसम शांत → जेट विमान निचले भाग में उड़ते |
| मध्यमंडल | ≈ 80 km तक | ताप फिर घटता → सबसे ठंडी परत; उल्काएँ यहीं जलती हैं |
| तापमंडल (आयनमंडल) | ≈ 80–400 km और ऊपर | ताप तेज़ी से बढ़ता; आयन → रेडियो तरंगें परावर्तित होकर लौटतीं; ऑरोरा |
| बहिर्मंडल | सबसे ऊपर | हवा बहुत विरल, धीरे-धीरे अंतरिक्ष में मिल जाती |
वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का ≈ 99% भाग सतह से 32 km के भीतर। ऊँचाई बढ़ने पर वायुदाब घटता है (पहाड़ पर साँस लेने में कठिनाई, खाना देर से पकता)। ओज़ोन क्षरण मुख्य रूप से CFC गैसों से (पुराने फ्रिज, AC, स्प्रे); ओज़ोन छिद्र सबसे अधिक अंटार्कटिका के ऊपर; 16 सितंबर — विश्व ओज़ोन दिवस (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, 1987)।
🌋 भूकंपकारण: प्लेटों का खिसकना/टकराना (मुख्य), ज्वालामुखी, चट्टानों में भ्रंश।
भीतर जहाँ से शुरू = उद्गम केंद्र (फ़ोकस); ठीक ऊपर सतह पर = अधिकेंद्र (सबसे अधिक नुकसान)। यंत्र — सिस्मोग्राफ़; परिमाण — रिक्टर स्केल (1 अंक बढ़ने पर आयाम 10 गुना, ऊर्जा ≈ 32 गुना); नुकसान के आधार पर — मरकेली।
पेटियाँ: प्रशांत महासागर के चारों ओर (सबसे अधिक भूकंप) और आल्प्स-हिमालय पेटी (भारत का हिमालयी क्षेत्र इसी में)। बचाव के उपाय — अध्याय 18। समुद्र में भूकंप → सुनामी (जैसे 26 दिसंबर 2004, हिंद महासागर)।
भीतर जहाँ से शुरू = उद्गम केंद्र (फ़ोकस); ठीक ऊपर सतह पर = अधिकेंद्र (सबसे अधिक नुकसान)। यंत्र — सिस्मोग्राफ़; परिमाण — रिक्टर स्केल (1 अंक बढ़ने पर आयाम 10 गुना, ऊर्जा ≈ 32 गुना); नुकसान के आधार पर — मरकेली।
पेटियाँ: प्रशांत महासागर के चारों ओर (सबसे अधिक भूकंप) और आल्प्स-हिमालय पेटी (भारत का हिमालयी क्षेत्र इसी में)। बचाव के उपाय — अध्याय 18। समुद्र में भूकंप → सुनामी (जैसे 26 दिसंबर 2004, हिंद महासागर)।
🔥 ज्वालामुखीमैग्मा सतह पर आए = लावा; मुँह = क्रेटर (बहुत बड़ा धँसा मुँह = काल्डेरा); रास्ता = नली (vent)।
सक्रिय: एटना, स्ट्रॉम्बोली ("भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ"), मौना लोआ (हवाई), विसुवियस (इटली, 79 ई. में पॉम्पेई नष्ट), बैरन द्वीप (अंडमान — भारत का एकमात्र सक्रिय)। प्रसुप्त (फिर फट सकता): फ़ूजी (जापान), भारत का नारकोंडम। मृत: लंबे समय से शांत।
प्रशांत के चारों ओर ज्वालामुखियों की पट्टी = "अग्नि वलय"। गर्म पानी के फव्वारे = गीज़र (जैसे USA का "ओल्ड फ़ेथफ़ुल", आइसलैंड)।
सक्रिय: एटना, स्ट्रॉम्बोली ("भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ"), मौना लोआ (हवाई), विसुवियस (इटली, 79 ई. में पॉम्पेई नष्ट), बैरन द्वीप (अंडमान — भारत का एकमात्र सक्रिय)। प्रसुप्त (फिर फट सकता): फ़ूजी (जापान), भारत का नारकोंडम। मृत: लंबे समय से शांत।
प्रशांत के चारों ओर ज्वालामुखियों की पट्टी = "अग्नि वलय"। गर्म पानी के फव्वारे = गीज़र (जैसे USA का "ओल्ड फ़ेथफ़ुल", आइसलैंड)।
मोह्स कठोरता पैमाना (1–10): सबसे नरम खनिज टैल्क (1) · जिप्सम (2) · … · क्वार्ट्ज़ (7) · … · सबसे कठोर हीरा (10)
"ओज़ोन किस परत में?" · "मौसम की घटनाएँ किस परत में?" · "सबसे ठंडी परत?" · "रेडियो तरंगें कौन लौटाती?" · "भूकंप मापने का यंत्र?" · "अधिकेंद्र क्या है?" · "स्ट्रॉम्बोली को क्या कहते हैं?" · "1 रिक्टर अंक = कितनी गुना ऊर्जा?" · "भारत का सक्रिय ज्वालामुखी?" · "ओज़ोन क्षरण की गैस?"