Chapter 6 · Physics
सरल मशीनें — उत्तोलक
Simple Machines & Leversसरल मशीन कम बल से अधिक भार उठाने या काम आसान करने में मदद करती है। उत्तोलक (Lever) एक छड़ है जो एक बिंदु — आलंब (F, Fulcrum) — पर घूमती है; आयास (E, Effort) = लगाया बल; भार (L, Load) = उठाई जाने वाली वस्तु।
यांत्रिक लाभ (MA) = भार ÷ आयास = आयास भुजा ÷ भार भुजा | उत्तोलक का नियम: आयास × आयास भुजा = भार × भार भुजा | दक्षता = (निर्गत कार्य ÷ निवेश कार्य) × 100%
बीच में क्या है, उससे श्रेणी याद करो: "F-L-E = 1-2-3" → बीच में Fulcrum = 1, बीच में Load = 2, बीच में Effort = 3।
द्वितीय श्रेणी में यांत्रिक लाभ हमेशा 1 से अधिक; प्रथम श्रेणी में 1 से कम, बराबर या अधिक — तीनों हो सकते हैं।
प्रश्न: 2 m की आयास भुजा, 0.5 m की भार भुजा, 400 N भार। आयास? → E × 2 = 400 × 0.5 → E = 100 N; MA = 400 ÷ 100 = 4
अन्य सरल मशीनें
🛝नत समतलढलान से भारी सामान चढ़ाना; सीढ़ी, घुमावदार पहाड़ी सड़क
🏗️घिरनीकुएँ से पानी; एक अचल घिरनी केवल दिशा बदलती है
🪓फन्नी (Wedge)कुल्हाड़ी, चाकू, कील
🔩पेंच व पहिया-धुरीजैक, स्क्रू; पेचकस, स्टीयरिंग
"सरौता किस श्रेणी का उत्तोलक?" (द्वितीय) · "कैंची किस श्रेणी का?" (प्रथम) · "चिमटा / मनुष्य की बाँह?" (तृतीय) · "किस उत्तोलक में MA हमेशा 1 से अधिक?" · आयास निकालने वाले छोटे सवाल।