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Chapter 18 · Quick revision

सभी नियम और मुख्य तथ्य

Key Facts — परीक्षा से पहले दोहराओ
संधि
दीर्घ · गुण · वृद्धिअ+अ=आ (हिमालय) · अ+इ=ए, अ+उ=ओ, अ+ऋ=अर् (महेश, महर्षि) · अ+ए=ऐ (सदैव)
यण · अयादिइ→य्, उ→व्, ऋ→र् (इत्यादि, स्वागत) · ए→अय्, ऐ→आय्, ओ→अव्, औ→आव् (नयन, नायक, पवन, पावक)
समास (प्रधान पद)
अव्ययीभाव · तत्पुरुषपहला पद अव्यय (यथाशक्ति) · कारक-चिह्न लोप (राजपुत्र)
कर्मधारय · द्विगुविशेषण / उपमा (नीलकमल) · पहला पद संख्या (चौराहा)
द्वंद्व · बहुव्रीहिऔर / या (माता-पिता) · तीसरा अर्थ (दशानन = रावण)
कारक (8) — विभक्ति
कर्ता · कर्म · करणने (प्रथमा) · को (द्वितीया) · से, द्वारा — साधन (तृतीया)
संप्रदान · अपादानको, के लिए (चतुर्थी) · से — अलगाव, डर, तुलना (पंचमी)
संबंध · अधिकरण · संबोधनका-के-की (षष्ठी) · में, पर (सप्तमी) · हे, अरे
शब्द-भेद
संज्ञा 5 · सर्वनाम 6व्यक्ति, जाति, भाव, द्रव्य, समूह · पुरुष, निश्चय, अनिश्चय, संबंध, प्रश्न, निज
विशेषण 4 · अव्यय 5गुण, संख्या, परिमाण, सार्वनामिक · क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक, निपात
‘ने’सकर्मक + भूतकाल; कर्म बिना ‘को’ → क्रिया कर्म से; ‘को’ / कर्म नहीं → पुं. एक. · लाना, भूलना के साथ नहीं
काल और वाच्य
भूतकाल 6सामान्य (गया) · आसन्न (गया है) · पूर्ण (गया था) · अपूर्ण (जा रहा था) · संदिग्ध (गया होगा) · हेतुहेतुमद् (यदि…ता तो…ता)
वाच्य 3कर्तृ · कर्म (सकर्मक + द्वारा + जाना) · भाव (अकर्मक + से, पुं. एक.)
वाक्य
रचना 3 · अर्थ 8सरल, संयुक्त (और, किंतु), मिश्र (कि, जो, क्योंकि) · विधान, निषेध, प्रश्न, आज्ञा, इच्छा, संदेह, संकेत, विस्मय
रस — स्थायी भाव
शृंगार · हास्य · करुणरति · हास · शोक
रौद्र · वीर · भयानकक्रोध · उत्साह · भय
वीभत्स · अद्भुत · शांतजुगुप्सा · विस्मय · निर्वेद
वत्सल · भक्तिवत्सलता · भगवद्-विषयक रति · संचारी 33, सात्त्विक अनुभाव 8
छंद — मात्राएँ / वर्ण
चौपाई · दोहा · सोरठा16 × 4 · 13-11 · 11-13
रोला · हरिगीतिका · बरवै24 (11-13) · 28 (16-12) · 12-7
कुंडलिया · कवित्तदोहा + रोला (6 चरण) · 31 वर्ण (16-15)
इंद्रवज्रा · उपेंद्रवज्रा · वसंततिलका11 (त त ज ग ग) · 11 (ज त ज ग ग) · 14 (त भ ज ज ग ग)
गण-सूत्रयमाताराजभानसलगा · लघु । = 1, गुरु ऽ = 2
अलंकार — संकेत
अनुप्रास · यमक · श्लेषवर्ण-आवृत्ति · शब्द हर बार अलग अर्थ · एक प्रयोग में कई अर्थ
उपमा · रूपक · उत्प्रेक्षासा, सम, सरिस · अभेद (चरण-कमल) · मानो, जनु, मनहुँ
संदेह · भ्रांतिमान · अनन्वयकि / या · भ्रम से क्रिया · राम से राम
प्रतीप · दृष्टांत · अतिशयोक्तिउपमान हीन · बिंब-प्रतिबिंब · बढ़ा-चढ़ाकर
साहित्य का इतिहास (शुक्ल, संवत्)
आदि · भक्ति · रीति · आधुनिक1050–1375 · 1375–1700 · 1700–1900 · 1900 से
भक्ति की 4 शाखाएँसंत (कबीर) · सूफ़ी (जायसी) · राम (तुलसी) · कृष्ण (सूर)
छायावाद के 4 स्तंभप्रसाद (कामायनी) · पंत (पल्लव) · निराला (राम की शक्ति पूजा) · महादेवी (यामा)
गद्यप्रेमचंद (गोदान) · शुक्ल (चिंतामणि) · हजारीप्रसाद द्विवेदी (बाणभट्ट की आत्मकथा) · रेणु (मैला आँचल)
अपठित: पहले प्रश्न पढ़ो → गद्यांश दो बार पढ़ो → उत्तर केवल गद्यांश से → शीर्षक छोटा और पूरे गद्यांश को ढकने वाला · वर्तनी: आशीर्वाद, उज्ज्वल, कवयित्री, उपर्युक्त, महत्त्व, चिह्न, ब्राह्मण, स्रोत

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