Skip to content
TestTaiyari
HomeExamsNotesToday's GKQuiz ReelsNewMy TestsPricing
⌕Search exams or tests…
Englishहिन्दी
Log in
All notes/बाल मनोविज्ञान एवं शिक्षण विधियाँ

Chapter 10 · Teaching Skills

शिक्षण के सिद्धांत

General & Psychological Principles of Teaching
शिक्षण के सिद्धांत = वे नियम जिनसे पढ़ाना प्रभावी बने। दो प्रकार: सामान्य (शिक्षण-व्यवस्था और पाठ्यवस्तु से जुड़े) और मनोवैज्ञानिक (बच्चे के मन, रुचि, विकास से जुड़े)। शिक्षण सूत्र (अगला पेज) = इन सिद्धांतों को कक्षा में लागू करने के व्यावहारिक नियम।
📐 सामान्य सिद्धांत 1 निश्चित उद्देश्य — हर पाठ का स्पष्ट लक्ष्य
2 क्रियाशीलता — करके सीखना (Learning by doing; ड्यूई)
3 जीवन से संबंध — पाठ को दैनिक जीवन से जोड़ना
4 चयन — आयु व उद्देश्य के अनुसार पाठ्यवस्तु चुनना
5 विभाजन — पाठ को छोटे-छोटे तार्किक भागों में बाँटना
6 नियोजन — पहले से पाठ योजना
7 सहसंबंध / समवाय — एक विषय को दूसरे विषय व जीवन से जोड़ना (बेसिक शिक्षा में हस्तशिल्प से)
8 पुनरावृत्ति / अभ्यास — दोहराने से स्थायी
9 लचीलापन — स्थिति के अनुसार विधि बदलना
10 लोकतांत्रिक व्यवहार — सबको समान अवसर, स्वतंत्र अभिव्यक्ति
11 निदान व उपचार — कमज़ोरी पहचानकर उपचारात्मक शिक्षण
12 बाल-केंद्रितता — बच्चे की आवश्यकता, क्षमता के अनुसार
🧠 मनोवैज्ञानिक सिद्धांत 1 प्रेरणा — सीखने की इच्छा जगाना (सबसे महत्त्वपूर्ण)
2 रुचि — रुचि से ध्यान, ध्यान से अधिगम
3 पुनर्बलन / प्रोत्साहन — प्रशंसा, पुरस्कार (स्किनर, थॉर्नडाइक का प्रभाव नियम)
4 प्रतिपुष्टि — उत्तर सही/गलत तुरंत बताना
5 व्यक्तिगत भिन्नता — हर बच्चे की गति, क्षमता अलग
6 परिपक्वता / तत्परता — विकास की अवस्था के अनुसार (पियाजे; तत्परता नियम)
7 इंद्रिय प्रशिक्षण — अधिक इंद्रियाँ = स्थायी (दृश्य-श्रव्य सामग्री)
8 मनोरंजन — खेल, कहानी, गीत (छोटे बच्चे)
9 सृजनात्मकता / आत्म-अभिव्यक्ति — बच्चे को बोलने, बनाने का मौका
10 सहानुभूति व सहयोग — भय-रहित वातावरण
11 थकान व विश्राम — कठिन विषय पहले घंटों में, बीच में विराम
12 परिवर्तन व विविधता — विधि, स्वर, गतिविधि बदलना
शिक्षण के मूल तत्त्व / कारक: शिक्षक (स्वतंत्र चर) · शिक्षार्थी (आश्रित चर) · पाठ्यवस्तु, विधि, वातावरण (मध्यस्थ चर)। अच्छा शिक्षण: उद्देश्यपूर्ण, सक्रिय, लोकतांत्रिक, प्रगतिशील, निदानात्मक व उपचारात्मक, सहयोगात्मक, कला और विज्ञान दोनों।
सीखने में प्रेरणा के स्रोत: आंतरिक (जिज्ञासा, रुचि, उपलब्धि की चाह — श्रेष्ठ, अधिक स्थायी) · बाह्य (पुरस्कार, अंक, प्रशंसा, दंड का भय)। शिक्षक बाह्य से शुरू करके आंतरिक की ओर ले जाए। यर्कीज़-डॉडसन: मध्यम प्रेरणा/उत्तेजना पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
शिक्षण की परिभाषाएँ: बर्टन — "सीखने के लिए उद्दीपन, मार्गदर्शन, निर्देशन और प्रोत्साहन" · गेज — "दूसरे व्यक्ति की व्यवहार-क्षमता बदलने के लिए अंतर्वैयक्तिक प्रभाव" · मॉरिसन — "अधिक परिपक्व और कम परिपक्व व्यक्तित्व के बीच घनिष्ठ संपर्क" · सरल अर्थ: सीखने की परिस्थितियाँ बनाना। स्तर (स्मृति–बोध–चिंतन) और हरबर्ट पंचपदी: अध्याय 9।
"करके सीखना — कौन सा सिद्धांत?" · "पाठ को छोटे भागों में बाँटना?" · "विज्ञान को गणित से जोड़ना — समवाय / सहसंबंध" · "शिक्षण का सबसे महत्त्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सिद्धांत?" · "कठिन विषय किस घंटे में?" · "आंतरिक या बाह्य प्रेरणा — कौन बेहतर?"

शिक्षण सूत्र Maxims of Teaching

शिक्षण सूत्र (Maxims) = अनुभव से बने व्यावहारिक नियम, जो बताते हैं कि पाठ किस क्रम में पढ़ाएँ। हरबर्ट स्पेंसर ("Education", 1861) ने इन्हें प्रमुखता दी; कोमेनियस, पेस्टालॉजी, रूसो, फ्रोबेल के विचारों पर आधारित। मूल भाव: बच्चे की वर्तमान स्थिति से शुरू करके धीरे-धीरे आगे।
सूत्रअर्थकक्षा का उदाहरण
ज्ञात से अज्ञातबच्चा जो जानता है, वहाँ से नया जोड़ें (पूर्व ज्ञान)गाँव के तालाब से "झील" समझाना
सरल से जटिलआसान बातें पहले, कठिन बाद मेंजोड़ → गुणा; एक अंक → दो अंक
मूर्त से अमूर्त (स्थूल से सूक्ष्म)पहले देख-छू सकने वाली वस्तु, फिर विचार / प्रतीकरोटी के टुकड़ों से भिन्न; कंकड़ से गिनती
विशिष्ट से सामान्यकई उदाहरण → सामान्य नियम (आगमन)कई त्रिभुज नापकर: कोणों का योग 180°
अनिश्चित से निश्चितबच्चे के धुंधले विचारों को स्पष्ट करना"पौधे को खाना चाहिए" → प्रकाश-संश्लेषण
पूर्ण से अंशपहले पूरी चीज़, फिर भाग (गेस्टाल्ट)पहले पूरा शब्द/वाक्य, फिर वर्ण; पहले भारत का नक्शा, फिर राज्य
विश्लेषण से संश्लेषणपहले तोड़कर समझना, फिर जोड़कर पूरा करनाफूल के भाग अलग करके पहचानना, फिर पूरा फूल
प्रत्यक्ष से अप्रत्यक्षसामने दिखने वाले से, दूर/भूतकाल की ओरअपने ज़िले का भूगोल → दूसरे देश
निकट से दूरघर, परिवेश से शुरुआतघर → मोहल्ला → गाँव → ज़िला → राज्य
आगमन से निगमनपहले उदाहरण से नियम, फिर नियम का प्रयोगव्याकरण: वाक्यों से "संज्ञा" का नियम, फिर अभ्यास
अनुभव से तर्क (Empirical to rational)पहले अनुभव/निरीक्षण, फिर कारणपानी उबालकर भाप देखना, फिर कारण
मनोवैज्ञानिक से तार्किकपहले बच्चे की रुचि/क्षमता का क्रम, बाद में विषय का तार्किक क्रमछोटी कक्षाओं में कहानी से इतिहास
प्रकृति का अनुसरणबच्चे के स्वाभाविक विकास के अनुसार (रूसो, "एमिल" 1762)खेल, जिज्ञासा, स्वतंत्रता देना
पहचान का तरीका: बच्चे का पुराना ज्ञान → ज्ञात से अज्ञात · वस्तु / मॉडल → मूर्त से अमूर्त · कई उदाहरण → नियम → विशिष्ट से सामान्य · पूरा पहले, भाग बाद में → पूर्ण से अंश · घर / आसपास → निकट से दूर।
भ्रम से बचें: "अमूर्त से मूर्त", "जटिल से सरल", "अज्ञात से ज्ञात", "सामान्य से विशिष्ट" शिक्षण सूत्र नहीं हैं (प्रश्न में "कौन सा सूत्र नहीं" पूछा जाता है)। संश्लेषण से विश्लेषण भी नहीं — सही है विश्लेषण से संश्लेषण। इसी तरह स्थूल से सूक्ष्म सही, सूक्ष्म से स्थूल गलत; पूर्ण से अंश सही, अंश से पूर्ण गलत।
"भिन्न पढ़ाने के लिए रोटी के टुकड़े — कौन सा सूत्र?" · "पहले पूरा वाक्य, फिर वर्ण?" · "इनमें से कौन शिक्षण सूत्र नहीं है?" · "प्रकृति का अनुसरण किसका विचार?" · "घर से ज़िले तक भूगोल?"

सिद्धांतों की कक्षा में प्रयुक्ति Learning Theories → Classroom Practice

सीखने के सिद्धांत (अध्याय 6, 7) "क्यों" बताते हैं; शिक्षक को "कैसे" पढ़ाना है, यह उनकी प्रयुक्ति से तय होता है। परीक्षा में प्रायः कक्षा की स्थिति देकर पूछते हैं: "शिक्षक किस सिद्धांत का प्रयोग कर रहा है?"
सिद्धांत (प्रवर्तक)कक्षा में प्रयोग
प्रयास और त्रुटि (थॉर्नडाइक)तत्परता नियम: पढ़ाने से पहले बच्चे को तैयार करना (प्रेरणा) · अभ्यास नियम: दोहराना, गृहकार्य, ड्रिल · प्रभाव नियम: सफलता पर संतोष, प्रशंसा · गणित, टाइपिंग, खेल, सिलाई जैसे कौशल · धैर्य से प्रयास करने देना
शास्त्रीय अनुबंधन (पावलव)अच्छी आदतें (समय पर आना, घंटी पर पंक्ति) · भय / अरुचि दूर करना (विषय को सुखद अनुभव से जोड़ना) · अक्षर-ध्वनि और चित्र-शब्द जोड़ना · अभिवृत्ति निर्माण
क्रिया-प्रसूत अनुबंधन (स्किनर)तुरंत पुनर्बलन · कठिन व्यवहार को छोटे पदों में (आकार देना / Shaping) · अभिक्रमित अनुदेशन, शिक्षण मशीन, कंप्यूटर सहायित अधिगम · दंड के बजाय सकारात्मक पुनर्बलन
अंतर्दृष्टि (कोहलर, गेस्टाल्ट)समस्या-समाधान · पूर्ण से अंश · पूरी स्थिति एक साथ दिखाना · सोचने का समय · रटने की जगह समझ (गणित, विज्ञान, ज्यामिति)
संज्ञानात्मक विकास (पियाजे)अवस्था के अनुसार पाठ (मूर्त संक्रियात्मक में मूर्त वस्तुएँ) · खोज और क्रियाकलाप · बच्चे की त्रुटियाँ उसकी सोच की खिड़की · संज्ञानात्मक संघर्ष पैदा करना
सामाजिक-सांस्कृतिक (वाइगोत्स्की)ZPD में काम · पाड़ / ढाँचा (Scaffolding), धीरे-धीरे सहायता हटाना · सहपाठी / समूह अधिगम · भाषा और संवाद
खोज अधिगम (ब्रूनर)सर्पिल पाठ्यक्रम (एक विषय बार-बार, गहराई बढ़ाकर) · क्रियात्मक → प्रतिबिंबात्मक → सांकेतिक (वस्तु → चित्र → प्रतीक)
सामाजिक अधिगम (बंडूरा)शिक्षक आदर्श / रोल मॉडल · अच्छे व्यवहार का प्रदर्शन · साथी की प्रशंसा से दूसरे सीखें (प्रतिनिधिक पुनर्बलन) · आत्म-प्रभावकारिता बढ़ाना
रचनावाद (पियाजे, वाइगोत्स्की, ड्यूई)बच्चा ज्ञान स्वयं रचता है · शिक्षक सुविधादाता · पूर्व ज्ञान से जोड़ना · 5E, परियोजना, प्रश्न पूछने को बढ़ावा (NCF 2005)
अधिगम के लिए अच्छी कक्षा: भय-रहित, सक्रिय भागीदारी, पूर्व ज्ञान से जुड़ाव, प्रतिपुष्टि, अभ्यास, विविध विधियाँ, बच्चे की भाषा व परिवेश का सम्मान, समूह कार्य, सतत आकलन। अधिगम स्थानांतरण (अध्याय 6): समान तत्त्व (थॉर्नडाइक), सामान्यीकरण (जड), संबंध-स्थानांतरण (गेस्टाल्ट) — विषयों को जीवन से जोड़ें तो सकारात्मक स्थानांतरण।
त्रुटि का अर्थ: बच्चे की गलती सीखने का अवसर और उसकी सोच समझने का साधन है, दंड का कारण नहीं।
शिक्षक की भूमिका: सूचना देने वाला नहीं — सुविधादाता, मार्गदर्शक, प्रेरक, सह-अधिगमकर्ता।
रटना बनाम समझ: समझ से सीखा ज्ञान देर तक याद और नई स्थिति में प्रयोग योग्य।
"घंटी बजते ही पंक्ति — कौन सा सिद्धांत?" · "हर सही उत्तर पर तुरंत 'शाबाश'?" · "शिक्षक धीरे-धीरे मदद कम करे?" · "एक विषय हर कक्षा में अधिक गहराई से — कौन सा पाठ्यक्रम?" · "गणित से डर दूर करना?" · "बच्चों की त्रुटियाँ क्या दर्शाती हैं?"
Read it? Now practise

Test yourself right away: today's 10 free GK questions, or a quick Fast Mode test.

Play today's GKTry Fast Mode

Ready for a full paper? Take a timed Super TET mock test with section-wise score. Super TET mock test →

← Previousशिक्षण विधियाँ और प्रवर्तक

All chapters

TestTaiyari

One test a day. Real preparation.

CompanyAboutContactPricing
LegalTerms of UsePrivacy PolicyRefund Policy
⌂Home▦Exams✎Notes◉Today's GK▶Quiz ReelsNew✓My Tests